
दौसा। पोक्सो कोर्ट ने 33 माह की बालिका से बलात्कार के मामले में दोषी को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए) की सजा सुनाई है। विशिष्ट लोक अभियोजक सुनील कुमार सैनी ने बताया कि पीडि़ता की माता ने जिले के एक थाने में मामला दर्ज कराया था कि 24 सितम्बर 2021 को वह खेत में परिवार के साथ बाजरा काटने गई थी। इस दौरान मौका पाकर आरोपी पूरणमल उसकी पुत्री को ले गया तथा बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक ने 12 गवाह व 19 दस्तावेज पेश किए।
आरोपी पक्ष की ओर से भी बचाव में पांच गवाह पेश किए गए। पोक्सो कोर्ट की न्यायाधीश अनु अग्रवाल ने दस्तावेजों का विश्लेषण कर दोषी को आजीवन कारावास तािा 2 लाख 50 हजार के अर्थदण्ड की सजा सुनाई। विशिष्ट लोक अभियोजक के अनुसार आरोपी पक्ष की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर दोषी को मानसिक रूप से विक्षिप्त घोषित करना चाहा, लेकिन न्यायालय ने प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया और चार्जशीट की धाराओं के अनुसार दोषी करार दिया।
'विकृत मानसिकता को व्यक्त करता है कृत्य'
न्यायाधीश ने प्रकरण पर फैसला सुनाते हुए कहा कि करीब तीन साल की अबोध बालिका के साथ इस तरह का कृत्य किया जाना आरोपी की विकृत मानसिकता को व्यक्त करता है। यह आवश्यक है कि बालकों व महिलाओं में आत्मविश्वास का वातावरण हो, उनकी निजता और गोपनीयता सुरक्षित व सम्मानित की जाए। बालकों का अच्छा शारीरिक, भावनात्मक, बौद्धिक, सामाजिक विकास सुरक्षित किया जाए एवं इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आरोपियों की सजा में नरमी का रुख अपनाना उचित नहीं है।
Published on:
18 Jan 2023 08:31 pm
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