
मंडी में नए सरसों की आवक
लालसोट. कुछ माह की कारोबारी सुस्ती के बाद अब मंडियों में फिर से रौनक लौट आई है। लालसोट व मंडावरी कृषि उपज मंडी नई सरसों की आवक से गुलजार हो गई हैं और चहल पहल नजर आने लगी है। मंडियों में गत सप्ताह से ही आढतियों की दुकानों के आगे सरसों की ढेरिया लग रही हैं।
लालसोट मंडी में नई सरसों की आवक एक हजार कट्टे प्रितिदन तक हो गई है तो मंडावरी मंडी में आवक दो हजार कट्टों जा पहुंची है। फिलहाल ग्रामीण इलाकों में अगेती सरसों की कटाई का काम जारी है। अनुमान है कि कुछ दिन मौसम साफ रहा और धूप खिली तो एक पखवाड़े के बाद दोनों मंडियों में आवक पन्द्रह से बीस हजार कट्टों तक भी पहुंच सकती है।
इन दिनों मंडियों में आढ़तियों की दुकानों पर सुबह से ही किसान अपने अपने वाहनों से सरसों लेकर पहुंच रहे हैं। फिलहाल कुछ नमी के चलते किसान सरसों को कट्टों या बोरी में भरने के बजाए सीधे ही ट्रॉली या जुगाड़ में भर कर मंडी ला रहे हैं। मंडियों में भी खुले में ही ढेरिया लगाई जा रही है, जिससे सरसों की नमी थोड़ी कम हो सके।
भाव से किसान भी खुश
नई सरसों में 15 से 25 प्रतिशत तक की नमी होने के बाद भी इस बार सीजन की शुरुआत में ही किसानों को गत वर्ष के मुकाबले सवा गुना अधिक दाम मिल रहे हैं। इससे किसान खुश नजर आ रहे हैं। ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सत्यनाराण गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष नवल झालानी, जगदीश अग्रवाल व मंडावरी व्यापार मंडल के सरंक्षक रामजीलाल गांधी समेत कई आढ़तियों ने बताया कि गत वर्ष सीजन के अंत तक बनी रही जोरदार तेजी के कारण अधिकांश स्टाक समाप्त हो चुके हैं।
स्टाॅक नहीं होने का असर भाव पर साफ दिखाई दे रहा है। मंडियों में इन दिनों 6500 रुपए से 7500 रुपए प्रति क्विंटल के दाम किसान को मिल रहे हैं, जबकि गत वर्ष सीजन की शुरुआत में 5200 से 5800 रुपए भाव था। आढ़तियोंं का अनुमान है कि मंडियों में जब सरसों की आवक का दबाव बढ़ेगा तो भाव के कम होने के आसार है। हालांिक बंपर आवक के दौरान भी मंडियों में किसानों को पांच हजार पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से मिलने का अनुमान है।
एक पखवाड़े बाद बंपर होगी आवक
लालसोट व मंडावरी मंडियों में फिलहाल सवाई माधोपुर जिले के गांवों से ही सरसों की आवक हो रही है। आढ़तियों का अनुमान है कि मौसम ने किसान का साथ दिया तो इस बार सरसों की बंपर आवक होगी। मौसम साफ रहने पर मंडियों मेें एक पखवाड़े बाद बंपर आवक शुरू हो जाएगी। दोनों मंडियों में आने वाली सरसों में तेल की मात्रा अच्छी होने से देश के कई प्रांतों में यहां से सरसों का निर्यात होता है। आगामी महीनों में गेहूं, चना व सौंफ की आवक शुरू हो जाएगी।
Published on:
10 Feb 2022 01:38 pm
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