
Dausa Weather News: दौसा। शहर सहित जिले में अचानक बदले मौसम के मिजाज से सर्दी से बढ़ गई। जिले में शनिवार को रुक-रुककर हल्की बारिश के दौर से गलन बनी रही। वहीं शीतलहर से ठिठुरन बढ़ गई। शनिवार का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री और अधिकतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया।
जिला मुख्यालय पर तीन दिन बाद फिर सुबह कोहरा छाया रहा। इसके बाद बादल छाए रहे। दोपहर में गर्जना के साथ बादल बरसे। इसके बाद देर शाम तक रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। दिनभर शीतलहर और बूंदाबांदी के कारण लोगों को दोपहर के समय अलाव का सहारा लेना पड़ा। तेज सर्दी के चलते लोग घरों में ही दुबके रहे। शाम को जल्द ही बाजारों में सन्नाटा पसर गया।
किसानों ने बताया कि शनिवार को रूक-रूककर चला हल्की बारिश का दौर फसलों के लिए अमृत का कार्य करेगा। रबी की पछेती फसलों को बढ़वार मिलेगी। वहीं अगेती सरसों की फलियों में बने रहे दाने को विकसित करने में लाभकारी साबित होगी। कृषि अधिकारी अशोक कुमार मीना ने बताया कि बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी। इससे क्षेत्र में पाला पड़ने की आशंका भी कम रहेगी।
बांदीकुई क्षेत्र में रविवार दोपहर बाद मावठ हुई। मंडावर क्षेत्र में शनिवार को दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। मावठ रबी की फसलों के लिए अमृत बनकर बरसी। सैनी समाज के अध्यक्ष प्रदीप सैनी ने बताया कि मावठ रबी फसल में अमृत बनकर बरसी है। जो गेहूं, सरसों, चना आदि की फसलों में बेहद फायदा करेगी। बाजारों में लोग दुकानों के आगे अलावा जलाकर सर्दी से बचते दिखाई दिए।
दुब्बी क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हल्की बरसात का हुई। दिनभर सूर्य भगवान के दर्शन नहीं हुए। लोग जगह-जगह अलाव तापते नजर आए। मावठ से किसानों के चेहरे खिले उठे। सिकराय क्षेत्र में दिनभर बादल छाए रहे। चना व गेहूं की फसलों को यह बारिश अमृत के रूप में बरसा। सर्द हवा चलने से लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए। नांगल राजावतान उपखण्ड मुख्यालय सहित गांवों में बारिश होने से सर्दी बढ़ गई। बारिश से गेहूं, जौ, चना, सरसों की फसलों में फायदा होने से किसानों के चेहरे पर खुशी दिखी।
लालसोट क्षेत्र में शनिवार का दिन सबसे अधिक ठंडा रहा। दिन भर बादल छाए रहे। शीत लहर ने लोगों की धूजणी छुडा दी। पूरे क्षेत्र में दिनभर सूरज के दर्शन नही हुए और कोहरा भी बना रहा। लालसोट शहर, रामगढ पचवारा, मंडावरी कस्बों व आस पास के गांवों में बूंदाबांदी भी हुई।
लवाण क्षेत्र में घना कोहरा छाया रहा। इस कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। कोहरे के कारण सुबह के समय सड़क पर दृश्यता बेहद कम रही। इससे वाहन सड़कों पर रेंगते नजर आए। सर्द हवाओं के कारण लोग देर सुबह तक घरों में दुबके रहे। कई लोग अलाव जलाकर तापते नजर आए।
सहायक कृषि रामजीलाल शर्मा ने बताया कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए वरदान साबित हो सकता है। फसलों को सिंचाई के लिए पानी की आवश्यकता थी। मौसम का बदलाव फसलों के लिए सकारात्मक असर डालेगा। ठंड और कोहरे से मिट्टी में नमी बनी रहती है, जो गेहूं और सरसों जैसी फसलों के लिए लाभकारी है। नमी और ठंडे वातावरण में फफूंद और कीटों के प्रकोप की संभावना बढ़ जाती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय समय पर फफूंद नाशक और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
Published on:
12 Jan 2025 10:42 am
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