
दौसा। नगर परिषद दौसा की निलंबित सभापति ममता चौधरी की रिट याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। साथ ही स्थगन सहित अन्य लंबित आवेदनों पर भी रोक लगा दी है। हाईकोर्ट न्यायाधीश अनूप कुमार ढंढ ने आदेश में कहा कि समग्र मूल्यांकन, प्राप्त तथ्यों और रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री का अवलोकन करने पर राज्य के निर्णय में हस्तक्षेप करने योग्य मामला नहीं लगता है। रिट याचिका में कोई गुण या सार नहीं मिला है। साथ ही सरकार को आदेश भी दिए हैं कि याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पूरी कर तीन माह के भीतर कार्यवाही की जाए।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 7 अक्टूबर को राज्य सरकार ने दौसा नगर परिषद की चेयरमैन ममता चौधरी को निलंबित कर दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए ममता चौधरी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका के खारिज होने पर नगर परिषद की निलंबित सभापति को झटका लगा है।
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न्यायालय ने आदेश में कहा है कि यह आश्चर्यचकित करने वाला है कि कुल 282 नगर निकायों मं से नियमित रूप से बैठकें आयोजित नहीं की जा रही है और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी नहीं हो रही। ऐसे में स्वायत्त शासन विभाग को आदेश जारी किया कि एक समिति गठित कर निगरानी तंत्र विकसित किया जाए। कानून के अनिवार्य प्रावधान का अनुपालन सुनिश्चित करें। राज्य सरकार के मुख्य सचिव को वरिष्ठ आइएएस अधिकारी की समिति को जांच के लिए भेजने के निर्देश भी दिए।
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Published on:
26 Apr 2025 03:15 pm
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