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Rajasthan: सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद, मुझे कौन आदेश देगा? कहने वाले तहसीलदार ने अब MLA से मांगी माफी

MLA Deen Dayal Bairwa: दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा से बदतमीजी करने वाले तहसीलदार गजानंद मीणा ने माफी मांग ली है।

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दौसा

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Anil Prajapat

Feb 25, 2026

Congress MLA Deen Dayal Bairwa, tehsildar gajanand meena

दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा। फोटो: पत्रिका

Dausa News: दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा से बदतमीजी करने वाले तहसीलदार गजानंद मीणा ने माफी मांग ली है। बता दें कि दौसा में ट्रक यूनियन के सामने दो फरवरी को विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच अतिक्रमण हटाने के दौरान विवाद हुआ था। इस मामले में कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।

अब तहसीलदार ने विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी को माफीनामा भेजकर विधायक से किए गए व्यवहार पर खेद जताया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने तहसीलदार गजानंद मीणा का माफीनामा पढ़कर सुनाया। इसके बाद कहा कि वे प्रकरण को यहीं समाप्त करते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में कहा कि मेरे पास दौसा विधायक का मामला आया था। विपक्ष के विधायकों ने मेरे पास आकर कहा था कि दौसा विधायक का अपमान हुआ। इस पर मैंने संज्ञान लेते हुए दौसा कलक्टर से फोन पर बात की। साथ ही अगले दिन तहसीलदार को बुलाया। उसके साथ पूरे मामले पर चर्चा की। ऐसे में सामने आया कि तहसीलदार का जो व्यवहार था, वह जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुकूल नहीं था। मैंने तत्काल कलक्टर को घटना के संबंध में एक्शन लेने के लिए कहा था। जिस पर अब दौसा तहसीलदार ने खेद प्रकट किया है।

तहसीलदार ने माफीनामे में ये लिखा

तहसीलदार गजानंद मीणा ने माफीनामे में लिखा कि 2 फरवरी को मैंने दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा के साथ जैसा व्यवहार किया था, वह गरिमापूर्ण नहीं था। मुझे ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था। मैं इस पर खेद प्रकट करता हूं और भविष्य में इस तरह के व्यवहार के पुनरावृत्ति नहीं होगी।

विधायक-तहसीलदार में हुई थी बहस

दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान 2 फरवरी को कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच बहस हुई थी। विधायक ने आदेश मांगे तो तहसीलदार ने कहा था कि सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं, मुझे कौन आदेश देगा? जमीन मेरी है, आप फालतू की बात मत करो। यह सुनकर विधायक नाराज हो गए और दोनों के बीच खूब बहस हुई थी। तभी मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव किया था। इसके बाद तहसीलदार ने अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई की थी।