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Rain In Dausa: राजस्थान के दौसा जिले में सोमवार को हुई बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में तैयार खड़ी सरसों की फसल पर बारिश का सीधा असर पड़ रहा है।
किसानों को आशंका है कि अधिक नमी के कारण सरसों के दानों में दाग लग सकते हैं, जिससे उपज की गुणवत्ता प्रभावित होगी और बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। जिन्होंने पहले सरसों निकाल ली उनके चेहरे खिले हुए हैं।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार सरसों की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे समय में यदि लगातार नमी बनी रहती है तो दानों का रंग खराब हो सकता है और उनमें फफूंद लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।
इससे न केवल उत्पादन घटता है, बल्कि किसान को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने कटाई की तैयारी कर रखी थी, लेकिन मौसम बदलने से कार्य रोकना पड़ा।
दौसा जिले में सोमवार को अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 14.5 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी के कारण फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है। खेतों में पानी भरने से कुछ स्थानों पर फसल गिरने की भी सूचना है।
इधर दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र के धर्मपुरा गांव में नीलगाय और जंगली सुअरों के आतंक से परेशान किसान फसलों की सुरक्षा के लिए अनोखा तरीका अपना रहे हैं। रात होते ही किसान पेड़ों पर बने अस्थायी मचान पर बैठकर पूरी रात पहरा देते हैं।
किसान कमलेश व रामफूल शर्मा ने बताया कि जमीन से करीब 7–8 फीट ऊंचाई पर बनाए गए ढांचे पर बैठकर टॉर्च की रोशनी से खेतों की निगरानी की जाती है। जैसे ही जानवर खेत में घुसने की कोशिश करते हैं, रोशनी और आवाज से उन्हें भगा दिया जाता है।
वन क्षेत्र नजदीक होने के कारण हर साल यही स्थिति बनती है और किसानों को फसल बचाने के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ता है।
Updated on:
24 Feb 2026, 3:04 PM IST
Published on:
24 Feb 2026, 3:04 PM IST
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