जानकारी के अनुसार जिले में शुरुआत में मानसून की बेरुखी से बाजरे के बीज के अंकुरित नहीं होने की शिकायत सामने आई। इस पर किसानों को दुबारा बुवाई करनी पड़ी। बाद में मानसून के मेहरबान होने से फसल अच्छी हुई, लेकिन सफेद लट व फड़का ने नुकसान पहुंचाया। अब बीते एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश से गांदरवाड़ा ब्राह्मण सहित कई जगह खेतों में कटी हुई बाजरे की फसल खराब हो रही है। इससे किसान चिंतित हैं। दिन-रात फसल को समेटकर सुरक्षित करने में लगे हुए हैं। बारिश से बाजरे की बालियों में दाना काला पड़ गया।