
दौसा। विदाई लेता मानसून जिले के कई इलाकों में पकी बाजरे की फसल में नुकसान कर गया। मंगलवार को सुबह से शाम तक जिला मुख्यालय सहित कई जगह रुक-रुककर बारिश का दौर चला। कभी बूंदाबांदी तो कभी मध्यम गति की बारिश हुई। इससे खेत-खलिहान में कटी हुई रखी बाजरे की फसल भीग गई। वहीं कृषि उपज मंडियों में भी जिंस गीला हो गया। किसानों के अनुसार पहले फड़का व बारिश से करीब 20-25 प्रतिशत नुकसान हो चुका है।
जानकारी के अनुसार जिले में शुरुआत में मानसून की बेरुखी से बाजरे के बीज के अंकुरित नहीं होने की शिकायत सामने आई। इस पर किसानों को दुबारा बुवाई करनी पड़ी। बाद में मानसून के मेहरबान होने से फसल अच्छी हुई, लेकिन सफेद लट व फड़का ने नुकसान पहुंचाया। अब बीते एक सप्ताह से रुक-रुककर हो रही बारिश से गांदरवाड़ा ब्राह्मण सहित कई जगह खेतों में कटी हुई बाजरे की फसल खराब हो रही है। इससे किसान चिंतित हैं। दिन-रात फसल को समेटकर सुरक्षित करने में लगे हुए हैं। बारिश से बाजरे की बालियों में दाना काला पड़ गया।
दौसा कृषि उपज मंडी में बाजरे की बम्पर आवक हो रही है। वहीं मंगलवार शाम बारिश ने भी व्यापारियों का नुकसान कर दिया है। माल खोलने के लिए मंडी में जगह नहीं बची है। मानगंज व्यापार एसोसिएशन के मंत्री मुरारी धोंकरिया ने बताया कि मंडी में लगातार दूसरे दिन भी करीब 25 हजार कट्टे से अधिक माल मंगलवार हो आया। अब जगह की कमी हो गई। बारिश से भी कुछ माल भीग गया है। ऐसे में बुधवार को कृषि उपज मंडी में कारोबार बंद रखा जाएगा। किसानों से अब 22 सितम्बर को माल लेकर आने की अपील की गई।
Published on:
21 Sept 2022 11:56 am
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