
श्रेयांश शर्मा। फोटो: पत्रिका
दौसा। लोनावला से पिकनिक कर लौट रहे आईआईटी बॉम्बे के छात्रों के लिए सफर मौत का कारण बन गया। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे में तीन छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें दौसा जिले के जौण गांव का श्रेयांश शर्मा भी शामिल हैं।
जौण गांव में शुक्रवार को जैसे ही श्रेयांस का शव पहुंचा, पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के करुण विलाप से हर किसी की आंखें नम हो गईं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटने लगे।
हर कोई इस दुखद घटना से स्तब्ध नजर आया। आसपास के क्षेत्रों से भी लोग संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। माहौल इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं और हर चेहरा दुख से भरा दिखाई दे रहा था। पूरे गांव में मातम पसरा रहा।
परिजनों के अनुसार श्रेयांश शर्मा पढ़ाई में होशियार होने के साथ-साथ कॉलेज में काफी लोकप्रिय था। उसने कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव भी लड़ा था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह यूपीएससी की तैयारी करना चाहता था।
हादसा गुरुवार सुबह करीब 8:35 बजे लोनावला के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर कई बार पलटती हुई सड़क किनारे जा गिरी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार छह छात्रों में से तीन ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि अन्य घायल हो गए। हादसा लोनावला से पिकनिक कर लौटते समय हुआ था।
मृतकों में श्रेयांश शर्मा (22) पुत्र नरसी उर्फ नरेश निवासी जौण, दौसा (हाल निवासी जयपुर), ओमकुमार बोरसे (23) निवासी नासिक और एक अन्य छात्र शामिल हैं। सभी छात्र आईआईटी बॉम्बे में अध्ययनरत थे।
सूचना पर हाईवे पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार सामने आई है। पुलिस अन्य कारणों की भी जांच कर रही है।
Published on:
21 Mar 2026 11:51 am
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
