
बिवाई(बांदीकुई). एक तरफ देश में स्मार्ट सिटी बनाने की बात हो रही है, वहीं गांव विकास की दौड़ में पीछे छूटते जा रहे हैं। दौसा जिले की गिनती ग्रामीण इलाकों में होती है, लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाएं बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य आदि भी पर्याप्त नहीं मिल रही। बांदीकुई उपखण्ड में पानी के संकट से तो जन-जन परेशान है। सरकार योजनाएं बनाने का दावा तो कर रही है, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हो रहा। जनता की परेशानी को उजागर करने के लिए राजस्थान पत्रिका गांव-गांव पहुंचकर ग्राउंड रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहा है। जानिए बांदीकुई उपखण्ड मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित बिवाई गांव के हालात।
लाखों खर्च पर पानी नहीं मिला
बांदीकुई उपखण्ड की ग्राम पंचायत मुख्यालय बिवाई के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए भी महरूम हैं। कहीं पानी नहीं है, तो कहीं बिजली। चारों ओर गंदगी का आलम बना हुआ है। स्वच्छता अभियान के नाम पर भी कस्बे में साफ-सफाई की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। नालियां कचरे से अवरुद्ध पड़ी हैं।आए दिन क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं पंचायत प्रशासन को ग्रामीण समस्याओं से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। पंचायत क्षेत्र की आबादी करीब साढ़े पांच हजार है। इसमें करीब ढाई हजार मतदाता हैं। इस पंचायत मुख्यालय से नंदेरा, गोलाड़ा, गुढ़ाआशिकपुरा, नांगल झामरवाड़ा, निहालपुरा सहित कई पंचायत जुड़ी हैं।
जनता का कहना...
स्थानीय निवासी रवि पालीवाल का कहना है कि यहां करीब 10 साल पहले 20 लाख रुपए की लागत से पानी के लिए टंकियों का निर्माण कर नलकूप लगाए गए थे, लेकिन अभी तक टंकियों में पानी नहीं पहुंचा है। गांव में अन्य कोई पानी का स्त्रोत नहीं है। लोगों को निजी नलकूपों से प्रतिमाह 300 से 400 रुपए अदा कर पानी लेना पड़ रहा है। दुकानों पर कैम्पर मंगवाकर प्यास बुझानी पड़ रही है, लेकिन किसी का भी पानी की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं है।
व्यापारी भीम गुप्ता ने बताया कि कस्बे में साफ-सफाई की कोई सुविधा नहीं है। नालियां अवरुद्ध पड़ी हैं। तिराहे-चौराहों पर कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इससे गांव का सौन्दर्यीकरण पूरी तरह बिगड़ा हुआ है।
व्यापारी विजय अग्रवाल का कहना है कि बिजली की आंख मिचौनी से लोग परेशान हैं। कभी बिजली सुबह तो कभी शाम को बिजली गुल हो जाती है। इससे फसल सिंचाई का संकट पैदा हो रहा है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ऐसे में बिजली सप्लाई का भी समय तय किया जाना चाहिए।
पूरणमल मीणा का कहना है कि बिवाई से मण्डावर जाने के लिए सड़क निर्माण नहीं होने से फेरे लगाकर जाना पड़ता है। ऐसे में सड़क का निर्माण किया जाए और बांदीकुई से बिवाई तक सड़क का चौड़ाईकरण किया जाए। इससे आवागमन की समुचित सुविधा हो।
दुलीचंद सैनी का कहना है कि कस्बे में रात्रि प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है। रोडलाइटें खराब होने व कई जगह अभाव होने से लोग परेशान हैं। वहीं बिवाई स्टेशन पर मरुधर एक्सप्रेस एवं आगरा फोर्ट ट्रेन का ठहराव कर दिया जाए तो लोगों को जयपुर एवं आगरा के लिए आवागमन की समुचित सुविधा मुहैया हो सकती है। इसके लिए लम्बे समय से क्षेत्र के लोग मांग करते आ रहे हैं।
अमरचंद शर्मा का कहना है कि यहां करीब 6 साल पहले एटीएम में आग लग गई थी। इसके बाद से अभी तक दूसरा एटीएम नहीं लगाया गया है। ऐसे में लोगों को लेन-देन में परेशानी होती है। ऐसे में यहां एटीएम की सुविधा चालू की जाए। बाजार में भी अस्थाई अतिक्रमण होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती हैं। मुख्य बाजार में रास्ते में नीम का पेड़ एवं विद्युत ख्ंाभे होने से हादसे का भी अंदेशा बना रहता है। सड़कें भी क्षतिग्रस्त होने व जगह-जगह स्पीड़ ब्रेकर लगे होने से चौपहिया वाहनों को परेशानी होती है।
Published on:
17 Nov 2017 09:51 am
बड़ी खबरें
View Allदौसा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
