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दौसा जिला अस्पताल में युवक की मौत पर मचा बवाल, धरना-प्रदर्शन के 7 घंटे बाद इन मांगों पर बनी सहमति

Dausa News: सिंगवाड़ा से दौसा जिला अस्पताल में पेट दर्द के इलाज के लिए आए एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया।

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दौसा

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Anil Prajapat

Jul 14, 2025

young man died in Dausa District Hospital

अस्पताल में हंगामा करते लोग व इनसेट में मृतक राकेश। फोटो: पत्रिका

दौसा। सिंगवाड़ा से दौसा जिला अस्पताल में पेट दर्द के इलाज के लिए रविवार सुबह आए एक युवक की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर सैकड़ों ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए तथा धरना-प्रदर्शन किया। करीब सात घंटे बाद प्रशासन और प्रतिनिधिमंडल के बीच सहमति बनने पर परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए तथा शाम को अंतिम संस्कार किया गया।

सुबह करीब 4.45 बजे सिंगवाड़ा से राकेश बैरवा (31) के पेट दर्द व उल्टी होने पर अपने पिता रामलाल को बाइक पर लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में पहुंचा। जहां डॉक्टर्स व चिकित्साकर्मियों ने उसका उपचार किया, लेकिन सुबह करीब सवा आठ बजे उसकी मृत्यु हो गई। इस पर परिजनों ने उपचार में लापरवाही बरतने, गलत इंजेक्शन लगाने सहित कई गंभीर आरोप लगाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। गांव से महिला-पुरुष परिजन सहित बड़ी संया में ग्रामीण सहित कई संगठनों के लोग अस्पताल पहुंच गए। लोगों ने अस्पताल में चल रही लापरवाही की पोल खोलना शुरू कर दिया और जमकर भड़ास निकाली। सूचना पर विधायक दीनदयाल बैरवा, सीओ रविप्रकाश शर्मा, कोतवाली प्रभारी सुधीर उपाध्याय, सिकंदरा प्रधान सुल्तान बैरवा सहित कई लोग अस्पताल आ गए।

पुलिस ने बार-बार समझाने का किया प्रयास

पुलिस ने बार-बार प्रबुद्धजनों से बात कर समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ। बाद में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की पुलिस-प्रशासन से वार्ता हुई और समझौता होने पर परिजन शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए।

तनातनी की नौबत आई

जिला अस्पताल में चले प्रदर्शन के दौरान कई बार तनातनी की नौबत आई। एकबारगी जब पुलिस अधिकारी एक कमरे में कुछ लोगों के साथ बैठकर बात कर रहे थे तो भीड़ उस और बढ़ गई। जबरन गेट खोलकर अंदर घुसने लगी और पुलिस से हाथापाई की नौबत आ गई। इस बीच कमरे के अंदर से निकले लोगों ने समझाकर मामला शांत कराया। वहीं कई बार अस्पताल के बाहर सडक़ जाम करने को लेकर भी भीड़ आमादा दिखी, हालांकि कई प्रबुद्धजन समझाते रहे।

शव को शिफ्ट भी नहीं करने दिया

मौके पर जमा भीड़ में घटना को लेकर इतना गुस्सा था कि शव को इमरजेंसी यूनिट से मोर्चरी में भी शिफ्ट नहीं करने दिया। ऐसे में क्यूआरटी सहित भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। इमरजेंसी यूनिट का कामकाम भी दिनभर बाधित रहा।

महिलाओं की चीख-पुकार से गमगीन हुआ माहौल

युवक की मौत के बाद महिलाओं की चीख पुकार से अस्पताल में माहौल गमगीन हो गया। विधायक दीनदयाल बैरवा ने मामले की जानकारी लेकर परिजन को सांत्वना दी। इमरजेंसी के बाहर महिलाएं विलाप करती रही। रिश्तेदार बार-बार उन्हें संभालते रहे।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

जिला अस्पताल में हुए हंगामे को काबू में रखने के लिए पुलिस सीओ रविप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में टीम ने मोर्चा संभाला। शुरुआत में प्रशासन नदारद रहा। काफी देर बार लवाण से एसडीओ रविकांत व दौसा तहसीलदार मौके पर पहुंचे।

तीन संविदाकर्मी निलंबित, जांच कमेटी गठित

युवक की मौत से उपजे बवाल के बाद समझौते के तहत जिला अस्पताल प्रशासन ने तीन संविदा कर्मचारियों को निलंबित कर जांच कमेटी का गठन किया है। पीएमओ डॉ. आरके मीना ने बताया कि लापरवाही नहीं बरती गई, मरीज के आते ही डॉ. सौरभ शर्मा ने इलाज किया था। मौत के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जो तीन दिन में रिपोर्ट देगी। इसके अलावा इमरजेंसी में कार्यरत संविदा नर्सिंगकर्मी राकेश शर्मा व अभिषेक गुर्जर तथा नर्सिंग सहायक भवानीसिंह मीना को निलंबित कर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। डॉ. चैनसिंह मीना, डॉ. रामोतार बैरवा व लालसोट से बुलाए मनीष सैनी की टीम ने पोस्टमार्टम किया।

ये हुआ समझौता

परिजनों के अनुसार समझौते के तहत आयुष्मान बीमा योजन के तहत अतिरिक्त मुआवजे के प्रस्ताव भेजने, संविदा पर नौकरी के लिए प्रस्ताव, टोल पर तत्काल नौकरी, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम, प्रधानमंत्री आवास योजना, विधवा पेंशन, तारबंदी व फार्मपौंड योजना का लाभ दिलाने, घटना की उच्च स्तरीय जांच, तीन स्वास्थ्य कर्मी सस्पेंड करने व दो के खिलाफ जांच आदि मांगों पर सहमति बनी है।

चार माह पूर्व हुई थी शादी

चाचा जयकिशन बैरवा ने बताया कि राकेश की गत एक मार्च को शादी हुई थी। तीन भाइयों में सबसे छोटा था तथा सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। राकेश के दो बहनें भी हैं। हादसे के बाद मृतक की मां, पत्नी, बहनें, भाभी सहित अन्य परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल हो गया।