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उत्तराखंड के इन गांवों पर ड्रैगन की नजर, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

केंद्रीय गृह मंत्रालय (Union Ministry of Home Affairs) की ओर से भेजा गया विशेष इनपुट, (Uttarakhand China Border) चीना सीमा से (India China Relations) लगते गांवों की बढ़ी सुरक्षा...
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देहरादून

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Prateek Saini

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Updated: 4 Nov 2019, 8:15 PM IST

उत्तराखंड के इन गांवों पर ड्रैगन की नजर, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

उत्तराखंड के इन गांवों पर ड्रैगन की नजर, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

(देहरादून): केंद्रीय गृह मंत्रालय के विशेष संदेश के बाद चीन से सटे उत्तराखंड के गांवों में खुफिया एजेंसियों ने अपनी सक्रियता पिछले एक पखवाड़े से बढ़ा दी है। इसी के साथ सुरक्षा एजेंसियों ने भी मोर्चा संभाला है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चीन से सटे उत्तराखंड के गांवों के ताजा हालात की जानकारी भी सरकार से मांगी है। इस संबंध में गृह विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने केंद्र की ओर से आए विशेष संदेश की पुष्टि की और कहा कि केंद्र की खुफिया एजेंसियों की सीमांत जिलों पर खास नजर है। सरकार आगामी एक सप्ताह के अंदर केंद्र को जवाब भेजेगी।

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सूत्रों के मुताबिक केंद्र से आए आदेश के बाद चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों को भी अलर्ट किया गया है। इन पर्वतीय जिलों के अंतिम गांवों में वर्तमान में कोई चहल—पहल नहीं होने से ये गांव काफी वीरान हो गए हैं। इस बीच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गए फीड बैक के बाद सीमांत क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अपने विशेष संदेश को 24 घंटे के अंदर संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों तक पहुंचाने का भी जिक्र किया है। इससे लगता है कि सरकार को सीमांत क्षेत्रों में चीन की गतिविधियां बढऩे का अंदेशा है। इसके पहले चीन पिछले 7 से 8 सालों के अंदर करीब 12 बार सीमांत क्षेत्र में घुसपैठ कर चुका है।

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असल में पिलर पार करके उत्तराखंड के गांवों तक पहुंचने की खास वजह उक्त क्षेत्र में बंजर पड़े खेत हैं जहां पिछले 5 सालों से खेती नहीं हो रही है। माना जा रहा है कि सुरक्षा एजेंसियों को चीन की ओर से सैन्य गतिविधियों की सुगबुगाहट मिलने के बाद केंद्र हरकत में आया है। उसके बाद से ही सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई है।


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