
CM पुष्कर सिंह धामी। फोटो सोर्स-IANS
Uttarakhand Monsoon Preparation: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित अपने निजी आवास से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की। इसमें भूमि अतिक्रमण, मानसून तैयारी, चारधाम यात्रा व्यवस्था, कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के अभियान को और अधिक गति देने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं की भूमि की भी विशेष जांच की जाए और जहां भू कानून का उल्लंघन कर जमीन खरीदी गई हो, वहां त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा शत्रु संपत्तियों पर हुए अवैध कब्जे को हटाने तथा वक्फ संपत्तियों का विवरण उम्मीद पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज करने और उसकी समीक्षा के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य राज्यों से आए लोगों के शस्त्र लाइसेंस की जांच की जाए और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों की पहचान की जाए। साथ ही अवैध राशन कार्डों के जरिए सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाने वाले अपात्र लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को समय रहते पूर्ण तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में मानसून पूर्व समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। भीतरी क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समय सीमा के भीतर पूरी हो और पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनी रहे। जहां भी जलापूर्ति में तकनीकी बाधाए हों, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए। बिजली कटौती को न्यूनतम रखने और यदि कटौती अनिवार्य हो तो जनता को पहले से सूचित करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं से फीडबैक लेकर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए, पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो और यातायात प्रबंधन की प्रभावी योजना तैयार रखी जाए। मानसखंड यात्रा के अंतर्गत कैंची धाम बाईपास का निर्माण कार्य अगले महीने तक हर हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए।
पॉली हाउस, एप्पल मिशन और कीवी मिशन जैसी कृषि व बागवानी योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से किसानों तक पहुंचाने पर मुख्यमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए। जोशीमठ में चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी ली गई। मानसून से पहले आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए गए।
Updated on:
25 May 2026 05:53 pm
Published on:
25 May 2026 05:48 pm
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