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Badrinath Donation Theft: बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा एक्शन, SIT ने कमेटी अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार

Badrinath Donation Theft Update: बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई। SIT ने देहरादून से मंदिर कमेटी के अध्यक्ष के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार किया। पढ़ें पूरी खबर...
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Pushkar Singh Dhami, Badrinath Donation Scam, Dehradun News

बद्रीनाथ मंदिर चढ़ावा चोरी केस में गिरफ्तारी

Pramod Nautiyal Arrested: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए चढ़ावे और दान में हुई कथित हेराफेरी के मामले में SIT को बड़ी कामयाबी मिली है। SIT ने इस पूरे खेल के मुख्य संदिग्ध और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष के निजी सचिव (PA) प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। प्रमोद की गिरफ्तारी के बाद से ही मंदिर प्रशासन और उससे जुड़े बड़े-बड़े अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

2 जुलाई को भैरव सेना ने आरोप लगाया था कि मंदिर के अध्यक्ष के पीए ने दान गिनती के दौरान चोरी की है और यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष की संस्तुति पर मंदिर समिति के सीईओ ने चार सदस्यीय विभागीय जांच टीम का गठन किया।

जांच टीम ने 7 जुलाई को बदरीनाथ पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेजों का अवलोकन किया, जिसमें प्रथम दृष्टया प्रमोद नौटियाल को दोषी पाया गया। इसके बाद सीईओ ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के कुछ ही घंटों बाद, उसी रात करीब साढ़े बारह बजे, मंदिर समिति के प्रभारी अधिकारी युद्धवीर पासवान ने बदरीनाथ थाने में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई।

एफआईआर के बाद फरार हुआ आरोपी

एफआईआर दर्ज होते ही पुलिस जांच में जुट गई, लेकिन 8 जुलाई से प्रमोद नौटियाल बदरीनाथ से लापता हो गए और उन्होंने अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर दिया। इसी दौरान उन्होंने हाई कोर्ट का रुख करते हुए अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए आवेदन दाखिल किया।

18 पन्नों की जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?

मंदिर समिति की चार सदस्यीय विभागीय टीम ने 11 जुलाई को अपनी जांच पूरी कर सीईओ कार्यालय को 18 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल 2 जुलाई को एक से अधिक बार पैसों में हेराफेरी करते हुए पाए गए। इसके अलावा 29 जून को भी उन्हें कुछ पैसे जैसी वस्तु ले जाते हुए देखा गया। वहीं दूसरी ओर, राज्य सरकार द्वारा गठित कमिश्नर की अध्यक्षता वाली टीम भी इस पूरे मामले की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।

कौन हैं प्रमोद नौटियाल?

प्रमोद नौटियाल को वर्ष 2014 में इंटरनेट कार्डिनेटर के पद पर ग्रेड पे 2800 के साथ स्थायी नियुक्ति मिली थी। यह मंदिर समिति में एकल पद था, बावजूद इसके समिति ने नियमों से हटकर 2018 में उनका प्रमोशन कर उन्हें अध्यक्ष का वैयक्तिक सहायक बना दिया। वर्तमान में उन्हें बदरीनाथ मंदिर में प्रोटोकॉल और थाली भेंट (चढ़ावा) गणना जैसी संवेदनशील जिम्मेदारी में तैनात किया गया था।