
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक फोटो
Leopard Terror:तेंदुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। तेंदुए और अन्य वन्य जीव पिछले एक माह के भीतर उत्तराखंड में कई लोगों की जान ले चुके हैं। कुछ दिन पहले दिन-दहाड़े पौड़ी के गजल्ड गांव में तेंदुए ने एक युवक को शिकार बनाया था। उससे बाद कोटद्वार में भी एक महिला की वन्यजीव हमले में मौत हुई थी। इधर, मंगलवार सुबह तेंदुए ने चम्पावत जिले के बाराकोट के ग्राम सभा च्यूरानी के धरगड़ा तोक में एक व्यक्ति को अपना निवाला बनाया है। कर्मचारी नेता नागेंद्र जोशी के मुताबिक धरगड़ा तोक निवासी 42 वर्षीय देव सिंह पुत्र कल्याण सिंह आज सुबह शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान घात लगाकर बैठे तेंदुए ने देव सिंह पर हमला कर दिया। तेंदुआ उन्हें घसीटकर घर से करीब सौ मीटर दूरी पर स्थित जंगल के पास तक ले गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू कर दी थी। रास्ते में घसीटने के निशान और जगह-जगह पड़े खून के धब्बे देख उनके होश फाख्ता हो गए थे। वह खून के निशान के सहारे आगे बढ़े तो उन्हें घर से सौ मीटर दूर झाड़ियों में देव सिंह का लहुलूहान शव मिला। सूचना से हड़कंप मच गया। एसडीएम नितेश डांगर सहित पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गई थी। शव का ओखलंज अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक जताया है।
तेंदुओं का आतंक उत्तराखंड के पूरे पर्वतीय इलाकों में छाया हुआ है। नागेंद्र जोशी के मुताबिक इस गांव में करीब एक माह पूर्व भी एक तेंदुए ने महिला पर हमला किया था। उसके बाद वन विभाग ने गांव में पिंजरा लगा दिया था। उसी समय एक तेंदुआ पिंजरे में फंस गया था, जिसे रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया था। अब एक महीने के बाद फिर से इस गांव में तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश का माहौल है। लोगों ने आदमखोर तेंदुए को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरे लगाने और गांव में गश्त कराने की मांग उठाई है।
Updated on:
9 Dec 2025, 12:33 PM IST
Published on:
9 Dec 2025, 10:38 AM IST
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