
उत्तराखंड की सियासत में उबाल | Image - X/@pushkardhami
CM Dhami Women Rally Dehradun:देहरादून में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली ने उत्तराखंड की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है। परेड ग्राउंड में हजारों महिलाओं की मौजूदगी के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला और नारी सम्मान के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए अपनी बात रखी। इस रैली ने न केवल राजनीतिक संदेश दिया, बल्कि महिलाओं की भागीदारी ने इसे एक जनआंदोलन का स्वरूप भी दे दिया।
परेड ग्राउंड में आयोजित इस विशाल रैली में महिलाओं की भारी भागीदारी ने साफ संकेत दिया कि नारी सम्मान और अधिकारों का मुद्दा अब राजनीति के केंद्र में आ चुका है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह रैली उन शक्तियों के खिलाफ आवाज है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा बनती रही हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के आत्मसम्मान की लड़ाई बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने भाषण में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए महाभारत का उदाहरण दिया। उन्होंने राहुल गांधी को ‘दुर्योधन’ और अखिलेश यादव को ‘दुशासन’ की मानसिकता वाला बताते हुए कहा कि जिस तरह महाभारत में अन्याय हुआ था, उसी तरह महिला अधिकारों के मुद्दे पर विपक्ष का रवैया रहा है।
महिला आरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब संसद में महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर आया, तब कांग्रेस पीछे हट गई। धामी ने इसे महिलाओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि कांग्रेस संसद में विरोध करती है और सड़कों पर समर्थन का दिखावा करती है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में महिला सशक्तिकरण केवल एक परिवार तक सीमित रहा है। उन्होंने कहा कि आम महिलाओं को आगे बढ़ाने के बजाय कांग्रेस ने हमेशा अपने परिवार को प्राथमिकता दी, जिससे व्यापक महिला नेतृत्व का विकास बाधित हुआ।
प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ अभियान पर तंज कसते हुए धामी ने कहा कि इस अभियान पर भारी खर्च किया गया, लेकिन जब वास्तविक निर्णय का समय आया तो कांग्रेस पीछे हट गई। उन्होंने इसे केवल राजनीतिक दिखावा बताया और कहा कि इससे पार्टी की सोच उजागर हो गई है।
धामी ने उत्तराखंड कांग्रेस पर भी दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ संसद में महिला आरक्षण का विरोध किया गया, वहीं दूसरी ओर राज्य में प्रदर्शन कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की महिलाएं अब इस राजनीति को समझ चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और जनधन योजना जैसी पहलों ने महिलाओं को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत आधार दिया है।
रैली के बाद मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पदयात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में और कांग्रेस के विरोध में जोरदार नारेबाजी हुई। महिलाओं का उत्साह और आक्रोश इस बात का संकेत देता है कि आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना रहेगा।
Updated on:
25 Apr 2026, 3:31 PM IST
Published on:
25 Apr 2026, 3:31 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.