
ड्रोन Video बनाने वाले सावधान, Drone खरीदने से लेकर उडाने तक मानने होंगे यह नियम, नहीं तो...
(देहरादून): सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के साथ ही वीडियो बनाने का ट्रेंड चल पड़ा है। या यूं कहे कि देश में बॉलीवुड के इतर एक नई वीडियो इंडस्ट्री ही तैयार हो गई है। हाई क्वालिटी और कुछ हटकर दिखाने के लिए नई-नई तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इनमें से ड्रोन भी एक नया उपकरण है जिसका प्रयोग सर्वाधिक किया जा रहा है। पर कोई ड्रोन के जरिए वीडियो बनाता है तो उसे कई नियमों की पलाना करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर कड़ी सजा मिलने का प्रावधान है। आइए जानते है क्या है वह नियम...
ड्रोन खरीदने से पहले लेनी होगी अनुमति
उत्तराखंड के अभिसूचना एवं सुरक्षा मुख्यालय ने नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार ड्रोन को खरीदने से पहले भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। इसके संबंध में सभी तरह की जानकारी डीजीसीए की वेबसाइट ( www.dgca.nic.in ) पर उपलब्ध है। ड्रोन के संचालन से पहले नियमानुसार डीजीसीए से यूनिक आईडेंटीफिकेशन नंबर व स्वचालित एयरक्राट आपरेटर परमिट (यूएओपी) प्राप्त करना होगा।
इन शर्तों की पालना जरूरी
ड्रोन को आपरेट करने वाला पायलट, भारत सरकार द्वारा अधिकृत संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया हुआ हो। ड्रोन निषेध क्षेत्र में ड्रोन को नहीं उडाया जाए, ड्रोन निषेध क्षेत्र की सूची डिजीटल स्काई प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। ड्रोन की प्रत्येक उडान से पहले डिजीटल स्काई प्लेटफार्म के माध्यम से अनुमति लेना आवशक है। डीजीसीए से ड्रोन उडाने की अनुमति लेने के बाद संबंधित पुलिस थाने को इसकी सूचना ड्रोन उडाने से 24 घंटे पूर्व देना जरूरी है। डीजीसीए की वेबसाइट ( www.dgca.nic.in ) सामान्यत: पूछे जाने वाले प्रश्नों (एफएक्यू ) व सिविल एविएशन रिक्वार्यमेंट (सीएआर) का गहनता से अध्ययन कर निर्देशों का पालन करना होगा।
किया उल्लंघन तो मिलेगी यह सजा
ड्रोन संबंधी नियमों का उल्लंघन व ड्रोन निषेध क्षेत्र में ड्रोन उडाना आईपीसी की धारा 121, 121 ए, 287, 336, 337, 338 व एएआई एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन के सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार इन सभी प्रावधानों को तुरंत लागू किया गया है। नियम तोडऩे वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
02 Sept 2019 08:46 pm
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