
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने ठगी के मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं
Crime News:सरकारी स्कूल के शिक्षक के कारनामे से लोग हैरान हैं। ये घटना उत्तराखंड के देहरादून की है। शनिवार को पीड़ित लोग, सर्व माइक्रो फाइनेंस इंडिया एसोसिएशन कंपनी, दून समृद्धि निधि लिमिटेड व दून इन्फ्राटेक कंपनी की शिकायत लेकर एसएसपी अजय सिंह से मिले। पीड़ितों ने बताया कि यह कंपनियां 2021 में खुली थीं। लोगों को दैनिक जमा, आवृत्ति जमा, फिक्स्ड डिपॉजिट, मंथली इन्वेस्टमेंट और सुकन्या योजना में पैसे लगाने पर अतिरिक्त ब्याज व मुनाफे का लालच दिया गया। समयसीमा पूरी होने के बाद मूल राशि तक वापस नहीं की गई। इन कंपनियों के मुख्य संचालक फरार हैं। लोगों ने बताया कि इस खेल का मास्टर माइंड आरोपी देहरादून के सरकारी स्कूल में तैनात एक शिक्षक है। आरोपी ने पत्नी और परिजनों के नाम पर तीनों कंपनियां बनाई थीं। कल 50 से अधिक लोग एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि उन्होंने रिश्तेदारों और परिचितों का पैसा इन कंपनियों में लगाया। वह अब डरे हुए हैं। इस बीच, कुछ महिलाओं ने रोते-रोते कहा कि उनको गिरफ्तारी का डर लग रहा है। वह घर से नहीं निकल पा रहे। एसएसपी ने उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।
शिक्षक की ओर से पत्नी और परिवार के नाम से बनाई गई तीन कंपनियों में करोड़ों का लेनदेन हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिक्षक की तीन कंपनियों में चार साल के भीतर करीब 150 करोड़ का लेनदेन हुआ है।लोगों ने एसएसपी को बताया कि आरोपी के दो बच्चे हैं, जो उत्तराखंड के एक नामी मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हैं। एसएसपी अजय सिंह ने शिकायतकर्ता से आरोपी पक्ष के बारे में पूरी जानकारी ली है।इस मामले में एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर इन कंपनियों के दो बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। जबकि छह और बैंक खातों का पता चलने पर उन्होंने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने बताया कि इस प्रकरण में संलिप्त मुख्य संचालकों की तलाश की जा रही है। जल्द ही पकड़े जाएंगे।
शिक्षा विभाग के कर्मचारी विनोद कुमार निवासी पौड़ी गढ़वाल हाल निवासी कुंज विहार पटेलनगर देहरादून ने तहरीर में बताया कि आरोपियों को दी गई रकम उन्होंने बैंक से लोन लेकर दी थी। उसकी किश्त वह आज भी चुका रहे हैं। लंबे समय बाद आरोपियों ने रकम लौटाने का वादा किया लेकिन अभी तक रुपये नहीं दिए। शिकायतकर्ताओं ने एसएसपी को बताया कि आरोपियों ने कहा था कि उनका कुमाऊं में रियल एस्टेट कारोबार है। वहां फ्लैट बनाए जा रहे हैं। आरोप लगाया कि निवेश के नाम पर जमा हो रही रकम में कुछ रकम वहां निवेश की गई है। इस पर एसएसपी ने गहनता से जांच कराने की बात कही।
Updated on:
05 Oct 2025 07:41 am
Published on:
05 Oct 2025 07:41 am
