
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग
Government's Decision:पेपर लीक प्रकरण को देखते हुए समूह ग की परीक्षा को सरकार ने निरस्त कर दिया है। यूकेएसएसएससी ने ये निर्णय लिया है। यह परीक्षा इसी साल 21 सितंबर को राज्य के 445 परीक्षा केंदों में संपन्न हुई थी। परीक्षा शुरू होने के कारण आधे घंटे के भीतर ही प्रश्न पत्र के तीन पेज सोशल मीडिया प्श्र वायरल होने से हड़कंप मच गया था। हालांकि पुलिस ने कुछ ही समय के भीतर पेपर लीक कांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पेपर लीक प्रकरण को लेकर राज्य भर में युवाओं ने जमकर हंगामा काटा था। साथ ही कई जिलों में इसे लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। सरकार ने सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में जांच आयोग का भी गठन किया था। बावजूद इसके युवाओं का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े रहे। इसी को देखते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने धरना स्थल पहुंचकर इस प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति दी थी। उसके बाद ही युवाओं का गुस्सा शांत हुआ था।
यूकेएसएसएससी के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल के मुताबिक परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। आयोग का मानना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में अभ्यर्थियों और आमजन का पूर्ण विश्वास होना आवश्यक है। एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। इसकी अध्यक्षता उच्च न्यायालय उत्तराखंड के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी को सौंपी गई। इधर, अब जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यूकेएसएसएससी ने समूह ग की उस परीक्षा को निरस्त कर दिया है। परीक्षा की नई तिथि तीन माह के भीतर तय होगी।
Updated on:
11 Oct 2025 03:21 pm
Published on:
11 Oct 2025 03:21 pm
