
रुड़की में हत्याकांड के बाद घटना स्थल पर पहुंची पुलिस। फोटो एआई
Crime News:आग की चपेट में आने से युवक की जिंदा जलकर मौत के बाद उत्तराखंड के रुड़की में बवाल हो गया। रुड़की के पश्चिमी अंबर तालाब निवासी रजनीश पुंडीर के मकान में बीडी-सिगरेट का गोदाम है। वह और उनका बड़ा बेटा 24 वर्षीय कुणाल पुंडीर इसी घर पर रहते थे। कुणाल पेशे से डिजाइन इंजीनियर था। रजनीश पुंडीर का लंबे समय से अपनी पत्नी सुधा से विवाद चल रहा है। बड़ा बेटा कुणाल अपने पापा जबकि छोटा बेटा मां के साथ रहता है। बुधवार रात रजनीश गोदाम वाले मकान में बाहर के कमरे में सोए थे। कुणाल अंदर था। रजनीश ने पुलिस को बताया कि रात करीब दो बजे अचानक आग की लपटों में घिरा कुणाल चिल्लाता हुआ बाहर आया। उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कुणाल जिंदा जल चुका था। सूचना पर कुणाल के मामा सोनू देवबंद से अंतिम संस्कार में पहुंचा था। श्मशान घाट में सोनू अपने भांजे की संदिग्ध मौत पर सवाल उठाने लगा। इसे लेकर मृतक कुणाल के चाचा नमन और आशीष का उनसे भयंकर विवाद हो गया। इस पर नमन और आशीष से सरेआम चाकूओं से गला रेतकर और सीने में ताबड़तोड़ प्रहार कर सोनू को मौत के घाट उतार दिया। इससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। गंगनहर कोतवाली इंस्पेक्टर मनोहर भंडारी के मुताबिक मृतक सोनू की पत्नी की तहरीर पर नमन और आशीष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दो परिवारों के बीच पिछले आठ साल से नफरत पनप रही थी। उस नफरत की आग का ऐसा खौफनाक अंत हुआ कि हर कोई सन्न रह गया। आग की चपेट में आकर जान गंवाने वाला कुणाल के माता-पिता पिछले आठ साल से अलग-अलग रह रहे थे। बावजूद इसके दोनों बच्चों का दोनों घरों में आना जाना लगा रहता था। विवाद के कारण सुधा के मायके वाले भी यहां आए थे। सुधा के भाई सोनू और रजनीश के परिजनों में एक दूसरे के प्रति काफी गुस्सा था। मामला पुलिस तक भी पहुंचा था। अब बोलचाल बंद थी। सोनू की मां बालेश देवी के मुताबिक उसका बेटा बहन सुधा के घर केवल त्योहार पर ही जाता था और दिन के दिन ही आ जाता था। जब वह सुधा के पास जाता था तो उन्हें हमेशा सोनू की सुरक्षा को लेकर खतरा रहता था। करीब आठ साल से यह रंजिश चली आ रही थी।
रुड़की में सोनू को उसकी पत्नी ममता के सामने ही मौत के घाट उतार दिया गया। मामता ने बताया कि उसके पति का नमन ने आते ही गला रेत दिया और फिर से चाकू उसकी छाती में घोंप दिया। उसके पति को संभलने का तक मौका नहीं दिया। उसने कहा कि आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। पति की हत्या से ममता बेसुध हो गई थी। ममता बार-बार मोर्चरी में रखे पति सोनू के शव को देखने के लिए दौड़ रही थी। रोती बिलखती हुई वह बार-बार यही कह रही थी की मौत की खबर सुनकर पति सोनू बेहद दुखी था। रुड़की आने के लिए वह तड़के चार बजे ही घर से चल दिए थे। वह बिना कुछ खाए पीए ही निकले थे। रुड़की पहुंचने के बाद भी पानी तक नहीं पीया था। वह मोर्चरी में भूखे ही लेटे हैं।
Updated on:
07 Nov 2025 08:41 am
Published on:
07 Nov 2025 08:41 am
