10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

योगी के करीबी ने बढ़ा दी थी BJP की चिंता! पत्रकार से विधायक बने शलभ मणि का विवादों से गहरा नाता

देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी हाल ही में ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर चर्चा में आए। योगी सरकार के करीबी माने जाने वाले शलभ मणि पर 2022 चुनाव के दौरान गंभीर आरोप लगे थे।

2 min read
Google source verification
शलभ मणि की पूरी कहानी

शलभ मणि की पूरी कहानी Source- X

BJP MLA Dr Shalabh Mani Tripathi : यूपी में कुछ समय पहले BJP ब्राहम्ण विधायकों की बैठक ने सियासी पारा गरमा दिया था। इसमें सबसे बड़ा नाम विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी का नाम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था। इस बैठक को योगी और उनके सरकार के कार्यपालिका से जोड़ते हुए देखा जा रहा था। डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी को योगी के करीबी नेताओं में से एक माना जाता है, लेकिन इस बैठक के बाद, पूरे प्रदेश की सियासत को गरमा गई थी। लोगों ने सवाल खड़े करने लगे क्या योगी के करीबी नेता ही, उनके कार्यकाल से खुश नहीं है? चर्चा होने लगी की ब्राहम्ण विधायकों की बात न तो सरकार सुनती है, न ही प्रशासन के अधिकारी। देवरिया जिले के सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। पहले पत्रकार रहे, फिर राजनीति में आए। अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं और विवादों में भी घिरते हैं।

2022 चुनाव के दौरान जानलेवा हमला

2 मार्च 2022 की रात करीब 9:30 बजे देवरिया सदर सीट से बीजेपी प्रत्याशी डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी के समर्थकों पर बड़ा हमला हुआ। जानकारी मिली कि करमाजीतपुर गांव में कुछ बाहरी लोग रुपये और शराब बांटने की तैयारी में हैं। जैसे ही शलभ मणि के लोग मौके पर पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया। बाद में जून 2022 में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की। शलभ मणि त्रिपाठी समेत 10 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, डकैती और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और सपा समर्थकों के बीच हुए विवाद से जुड़ा था। शलभ मणि ने कहा कि आरोप झूठे हैं और वे मौके पर मौजूद भी नहीं थे।

अवैध मजार पर उठाई आवाज, मिली धमकी

हाल ही में विधायक शलभ मणि ने देवरिया के गोरखपुर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बनी एक मजार पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। जांच में मजार अवैध पाई गई। इसके बाद Mdseraj813@gmail.com से एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा था- "इतनी गोलियां मारेंगे कि लाश के चीथड़े उड़ जाएंगे। योगी आदित्यनाथ का भी जो हाल होगा वो इंडिया देखेगा।" यह धमकी विधायक और सीएम योगी दोनों को दी गई। विधायक ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस में शिकायत की। जांच शुरू हो गई है। विधायक ने कहा कि अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाना उनका फर्ज है।

पत्रकार से विधायक तक का सफर

डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी पहले स्वतंत्र पत्रकार थे। 2016-17 में बीजेपी में शामिल हुए। योगी सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मीडिया सलाहकार बनाया गया। उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा और योगी से नजदीकी के चलते 2022 में देवरिया सदर से टिकट मिला और वे विधायक बने। वे अक्सर विवादास्पद बयान देते हैं, जिससे यूपी की राजनीति में उनकी अलग पहचान है।