
शलभ मणि की पूरी कहानी Source- X
BJP MLA Dr Shalabh Mani Tripathi : यूपी में कुछ समय पहले BJP ब्राहम्ण विधायकों की बैठक ने सियासी पारा गरमा दिया था। इसमें सबसे बड़ा नाम विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी का नाम पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ था। इस बैठक को योगी और उनके सरकार के कार्यपालिका से जोड़ते हुए देखा जा रहा था। डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी को योगी के करीबी नेताओं में से एक माना जाता है, लेकिन इस बैठक के बाद, पूरे प्रदेश की सियासत को गरमा गई थी। लोगों ने सवाल खड़े करने लगे क्या योगी के करीबी नेता ही, उनके कार्यकाल से खुश नहीं है? चर्चा होने लगी की ब्राहम्ण विधायकों की बात न तो सरकार सुनती है, न ही प्रशासन के अधिकारी। देवरिया जिले के सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी बीजेपी के प्रमुख चेहरे हैं। वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाते हैं। पहले पत्रकार रहे, फिर राजनीति में आए। अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं और विवादों में भी घिरते हैं।
2 मार्च 2022 की रात करीब 9:30 बजे देवरिया सदर सीट से बीजेपी प्रत्याशी डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी के समर्थकों पर बड़ा हमला हुआ। जानकारी मिली कि करमाजीतपुर गांव में कुछ बाहरी लोग रुपये और शराब बांटने की तैयारी में हैं। जैसे ही शलभ मणि के लोग मौके पर पहुंचे, वहां मौजूद लोगों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। उस समय पुलिस ने इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया। बाद में जून 2022 में कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की। शलभ मणि त्रिपाठी समेत 10 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, डकैती और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। यह मामला विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी और सपा समर्थकों के बीच हुए विवाद से जुड़ा था। शलभ मणि ने कहा कि आरोप झूठे हैं और वे मौके पर मौजूद भी नहीं थे।
हाल ही में विधायक शलभ मणि ने देवरिया के गोरखपुर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे बनी एक मजार पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की। जांच में मजार अवैध पाई गई। इसके बाद Mdseraj813@gmail.com से एक धमकी भरा ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा था- "इतनी गोलियां मारेंगे कि लाश के चीथड़े उड़ जाएंगे। योगी आदित्यनाथ का भी जो हाल होगा वो इंडिया देखेगा।" यह धमकी विधायक और सीएम योगी दोनों को दी गई। विधायक ने इसे गंभीरता से लिया और पुलिस में शिकायत की। जांच शुरू हो गई है। विधायक ने कहा कि अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाना उनका फर्ज है।
डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी पहले स्वतंत्र पत्रकार थे। 2016-17 में बीजेपी में शामिल हुए। योगी सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मीडिया सलाहकार बनाया गया। उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा और योगी से नजदीकी के चलते 2022 में देवरिया सदर से टिकट मिला और वे विधायक बने। वे अक्सर विवादास्पद बयान देते हैं, जिससे यूपी की राजनीति में उनकी अलग पहचान है।
Updated on:
09 Jan 2026 01:43 pm
Published on:
09 Jan 2026 01:02 pm
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