
फ़ोटो सोर्स: सोशल मीडिया, राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी
देवरिया शहर के देवरिया खास स्थित मनोकामनापूर्ण हनुमान मंदिर के पीछे विवादित भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को लेकर विनियमित क्षेत्र ने फैसला सुनाया है।न्यायालय ने राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम की चहारदीवारी निर्माण को अनधिकृत मानते हुए उसे गिराने का आदेश दिया है।
राज्य मंत्री ने निर्णय को गलत बताते हुए डीएम कोर्ट में अपील करेंगी। प्रकरण में मंदिर के उत्तराधिकारी महंत राजेश नारायण दास सहित अन्य स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि मंदिर की भूमि व आसपास की जमीन पर अवैध कब्जा कर चहारदीवारी व गेट का निर्माण कराया जा रहा है।
अवर अभियंता व तहसील प्रशासन की रिपोर्ट में पाया गया कि संबंधित भूमि (आराजी संख्या 2904) में दर्ज रकबे से अधिक क्षेत्र पर निर्माण किया गया है, जबकि बैनामा की गई जमीन मौके पर उपलब्ध नहीं थी। साथ ही समीप की भूमि (आराजी 2905 व 2906) अभिलेखों में पोखरी व भीटा के रूप में दर्ज पाई गई। जांच रिपोर्ट में करीब 609.70 वर्गमीटर क्षेत्र में बिना स्वीकृति निर्माण की पुष्टि हुई।
न्यायालय ने माना कि यह निर्माण आरबीओ एक्ट की धारा छह का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक हित की भूमि प्रभावित हो रही है। विपक्षी पक्ष की ओर से प्रस्तुत आपत्तियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में खारिज करते हुए न्यायालय ने धारा 10 के तहत ध्वस्तीकरण आदेश पारित कर दिया। साथ ही संबंधित विभाग को आदेश के अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में एसडीएम व ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने ध्वस्तीकरण का आदेश भले ही पारित किया है, लेकिन 30 दिन का समय मिला है। राज्य मंत्री इस अवधि में डीएम (नियंत्रक प्राधिकारी) कोर्ट में अपील कर सकती हैं। राज्यमंत्री ने बताता की उत्तराधिकारी राजेश नारायण को मोहरा बनाकर कुछ लोग छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। केवल चहारदीवारी कराई गई है। मामले में डीएम कोर्ट में कल तक अपील हो जाएगी।
Updated on:
21 Apr 2026 05:12 pm
Published on:
21 Apr 2026 05:12 pm
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