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33 साल में यहां कभी नहीं जीती कांग्रेस, इस बार क्या बदल सकेगी इतिहास…?

Assembly Election 2023 : 1990 से है पवार राजपरिवार का कब्जा, इससे पहले कांग्रेस का 6 बार रहा राज, एक बार जनता पार्टी भी जीती, Know the Interesting Facts...

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आदर्श ठाकुर। कभी कांग्रेस के कब्जे में रही देवास विधानसभा पर पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से भाजपा का कब्जा है। देवास राजपरिवार के पूर्व महाराज तुकोजीराव पवार लगातार छह बार यहां से विधायक रहे। 1990 से पहले तक यहां कांग्रेस का कब्जा रहा। केवल एक बार जनता पार्टी का विधायक बना। इसके बाद 1990 से लेकर अब तक यह सीट भाजपा के कब्जे में है। यह सीट भाजपा की सुरक्षित सीटों में मानी जाता है। कांग्रेस ने हर चुनाव में यहां प्रयोग किए लेकिन सफल नहीं हो सकी। चुनावी बिसात बिछने लगी है। चुनाव की तारीख की घोषणा के साथ ही भाजपा ने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए है। लेकिन कांग्रेस के अभी पत्ते खुलने बाकी हैं।

देवास विधानसभा पर पिछले 33 साल से भाजपा का अभेद्य किला बन चुकी है। पवार राजवंश का 1990 से इस सीट पर कब्जा है। 1990 से पहले यह सीट कांग्रेस के खाते में जाती रही लेकिन इसके बाद कभी कांग्रेस यहां नहीं जीत सकी। पहले देवास रियासत के पूर्व महाराज तुकोजीराव पवार यहां से विधायक रहे। 2015 में उनके निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी गायत्री राजे पवार विजयी हुई थीं। इसके बाद 2018 में फिर उन्हें भाजपा ने प्रत्याशी बनाया और वे 27 हजार से ज्यादा मतों से विजयी हुई।

6 बार कांग्रेस जीती

विधानसभा चुनावों में सन 1957 में देवास विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा हुआ और अनंत पटवर्धन विधायक बने। इसके बाद 1957 से 1977 तक यह सीट कांग्रेस के ही कब्जे में रही। 1977 में हुए चुनाव में जनता पार्टी ने इस सीट पर बाजी मारी और शंकर कानूनगो विधायक बने। 1980 में फिर चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस ने फिर वापसी की और कांग्रेस के चंद्रप्रभाष शेखर विजयी हुई। शेखर यहां 1980 व 1985 में हुए चुनावों में विजयी रहे।

1990 के बाद खाता नहीं खोल पाई कांग्रेस

1990 में भाजपा ने यहां बड़ा बदलाव किया और देवास राजपरिवार के युवा चेहरे तुकोजीराव पवार को यहां से मैदान में उतारा गया। 1990 में कांग्रेस से यह सीट भाजपा ने छीन ली और पवार विधायक बने। इसके बाद 1993, 1998, 2003, 2008, 2013 विजयी हुए।

उपचुनाव भी भाजपा जीती

2015 में बीमारी के चलते पवार का निधन होने के बाद भाजपा ने फिर पवार परिवार पर भरोसा जताते हुए पूर्व विधायक स्वर्गीय पवार की पत्नी गायत्रीराजे पवार को प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में कांग्रेस ने जयप्रकाश शास्त्री को मैदान में उतारा लेकिन उन्हें हार नसीब हुई। 2018 में फिर भाजपा ने विधायक पवार पर भरोसा जताया और इस चुनाव में भी पवार विजयी रही। 2018 में उन्होंने कांग्रेस नेता जयसिंह ठाकुर को करीब 27 हजार मतों से पराजित किया।

देवास विस में मतदाताओं की संख्या

कुल मतदाता-281730 सेवा मतदाता-377 पुरुष मतदाता-142299 महिला मतदाता-139426 अन्य-5

देवास विस के अब तक के विधायक

वर्ष नाम पार्टी

1957 : अनंत पटवर्धन, कांग्रेस

1962 : बापूलाल कांग्रेस

1967 : हेतसिंह कांग्रेस

1972 : धीरसिंह मोहनसिंह कांग्रेस

1977 : शंकर कानूनगो जनता पार्टी

1980 : चंद्रप्रभाष शेखर कांग्रेस

1985 : चंद्रप्रभाष शेखर कांग्रेस

1990 : तुकोजीराव पवार भाजपा

1993 : तुकोजीराव पवार भाजपा

1998: तुकोजीराव पवार भाजपा

2003: तुकोजीराव पवार भाजपा

2008 : तुकोजीराव पवार भाजपा

2013 : तुकोजीराव पवार भाजपा

2015 (उपचुनाव) : गायत्रीराजे पवार भाजपा

2018: गायत्रीराजे पवार, भाजपा

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