3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुजरात पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट : धमाके में संदलपुर के दो परिवारों के 9 लोगों की मौत, 200 मीटर दूर मिले चीथड़े

Banaskantha Factory Blast : बनासकांठा पटाखा फैक्ट्री हादसे में संदलपुर के दो परिवार के 9 सदस्यों की मौत हुई है। खातेगांव में रहने वाले ठेकेदार ने भी दम तोड़ा है। परिजन बोले- 28 मार्च को ही यहां के सभी मजदूर गुजरात गए थे।

3 min read
Google source verification
Banaskantha Factory Blast

Banaskantha Factory Blast : गुजरात के बनासकांठा जिले के डीसा की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण बम धमाके में वैसे तो मध्य प्रदेश के कुल 21 लोगों की मौत हुई है, इनमें से देवास जिले की खातेगांव तहसील के संदलपुर में रहने वाले दो परिवारों के ही 9 सदस्यों की जान गई है। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि, कई शवों के चीथड़े अवैध फैक्ट्री से 200 मीटर की दूरी तक मिले हैं। जानकारी के अनुसार, खातेगांव निवासी ठेकेदार ने भी दम तोड़ दिया है। हादसे में एक बच्ची घायल हुई है। हादसे की सूचना संदलपुर पहुंचते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। मृतकों के परिजन बदहवास हो गए। बताया जा रहा है कि, हादसे में जान गवाने वाले सभी मृतक 28 मार्च को ही मजदूरी के लिए गुजरात गए थे।

मृतक लखन के फूफाजी भगवान पिता भेरूलाल नायक का कहना है कि सभी मृतक एक ही परिवार के हैं। करीब 6 माह पहले तक सभी संदलपुर में ही रहकर कुकर सुधारने के साथ मजदूरी करते थे। ग्राम हंडिया जिला हरदा निवासी गुड्डी बाई जो इनकी रिश्तेदार थीं। उसका परिवार पहले से ही पटाखे बनाने का काम करता था। गुड्डी बाई, शायरबाई व उसकी बेटी करीब डेढ़ माह पूर्व गुजरात की पटाखा फैक्ट्री में काम करने गई थी जो होली के त्योहार पर वापस संदलपुर आई। उस समय उसने बताया था कि एक हजार पटाखे बनाने पर 500 रुपए मिलते हैं। ऐसे में आर्थिक परेशानी और कर्ज के बोझ तले दबा संदलपुर का भोपा परिवार भी पटाखे बनाने के लिए तैयार हुआ।

यह भी पढ़ें- एमपी के परिवारों का काल बनी गुजरात की अवैध पटाखा फैक्ट्री, धमाके में शरीर के उड़े चीथड़े, अबतक 21 की मौत

ज्यादा मजदूरी दिलाने के नाम ले गए

भगवान ने बताया कि, संदलपुर और हंडिया के ये सभी लोग 22 या 23 मार्च के आसपास हाटपीपल्या से 10 किलोमीटर आगे देवगढ़ में किसी पटाखा फैक्ट्री में काम करने के लिए गए थे। वहां पर ये लोग किसी महिला के संपर्क में आए जिसने ज्यादा मजदूरी दिलाने का कहकर उन्हें गुजरात चलने को कहा। 28 मार्च को सभी गुजरात के लिए निकले थे।

एक परिवार के 6 व दूसरे के 3 की मौत

हादसे में दम तोडऩे वाले सभी मृतक दो परिवार के हैं। इसमें एक परिवार गंगाराम भोपा का है जिसके सभी सदस्यों की हादसे में मौत हुई। हादसे में गंगाराम के पुत्र लखन(24), बहू सुनीता पति लखन(20), गंंगाराम की पत्नी केशरबाई(50), बेटी राधा (11), रुकमा (8), बेटे अभिषेक की मौत हुई। वहीं इनके रिश्तेदार राकेश पिता बाबूलाल भोपा (30), उसकी पत्नी लाली (25), बेटी किरण (5) की मौत हुई है। वहीं राकेश की एक बेटी नैना (2) घायल बताई जा रही है। हादसे में खातेगांव के पंकज नामक युवक की मौत भी हुई जिसे ठेकेदार बताया जा रहा है। उधर सूचना प्राप्त होते ही कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर नायब तहसीलदार अखिलेश शर्मा के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस का अमला गुजरात रवाना हुआ है।

यह भी पढ़ें- MP Rain Alert : 24 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी, तापमान में आई गिरावट

विधायक पहुंचे संदलपुर

घटना के बाद खातेगांव विधायक आशीष शर्मा और भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित गुर्जर संदलपुर पहुंचे। उन्होंने मृतक राकेश की मां व अन्य परिजनों से चर्चा कर ढाढस बंधाया। विधायक ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात हुईं है। केंद्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी गुजरात के मुख्यमंत्री से चर्चा की है। मृतकों के शव संदलपुर लाएं जा रहे हैं। मृतकों के परिवार को गुजरात सरकार की ओर से 4 लाख व मध्यप्रदेश सरकार की ओर से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। जिला प्रशासन ने अंत्येष्टि के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई है।

सीएम ने की मुआवजे की घोषणा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बनासकांठा फैक्ट्री ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। सीएम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'गुजरात के बनासकांठा स्थित पटाखा फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। हमारे कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान सहित पुलिस/प्रशासन के अधिकारियों को समन्वय हेतु दुर्घटना स्थल पर भेजा गया है। संकट की इस घड़ी में हमारी सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।'

यह भी पढ़ें- शिवराज ने रखा जिन स्कूलों का नाम, उन्हें मोहन यादव ने बदला, बोले- अंग्रेजों के जमाने का लगता है

लाइसेंस नहीं हुआ था रिन्यू

फिलहाल, पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच के लिए पांच टीमें बनाई गई हैं। डिप्टी एसपी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन भी किया गया है. पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, गोदाम ने पहले पटाखे स्टोर करने का लाइसेंस लिया था, लेकिन 31 दिसंबर 2024 के बाद उसे रिन्यू नहीं कराया। उसके बाद जब रिन्यअल के लिए अप्लाई किया तो प्रशासन ने पाया कि गोदाम में उचित सुविधाएं नहीं हैं, जिसके चलते लाइसेंस को होल्ड कर दिया गया है।