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शौक: विशाल के खजाने में हैं चंद्रगुप्त, मौर्य और ब्रिटिश काल के बांट और सिक्के, आप भी देखिए

देवास। कहते हैं कि शौक ऐसी चीज है, जो इंसान को किसी भी हद तक ले जा सकती है। कुछ ऐसा ही हाल है शहर के मोतीबंगला कॉलोनी निवासी युवा व्यवसायी विशाल बम (जैन) का। विशाल को बचपन से ही पुरानी चीजों को संग्रह करने का शौक है। आज उनके पास हर काल, सामाज्य व रियासतों की मुद्राएं हैं।

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Chandragupta

ब्रिटिश कालीन 1911 के तौल बांट से लेकर चूना दानी, इत्र दानी, सरोते, इंकपॉट, सिल्वर बॉक्स, ताड़ पत्र, लकड़ी की कलम, रियासतों के मोनोग्राम, छोटी तोप, साइकिल टोकन लाइसेंस सहित अन्य अनोखी चीजों का संग्रह है।

शिवाजी महाराज के समय के सिक्के

विशाल के पास छत्रपति शिवाजी महाराज के समय जारी हुए सिक्के भी हैं। इस पर एक ओर छत्रपति अंकित है तो दूसरी ओर श्रीराजा शिव लिखा है। विशाल बताते हैं कि ये सिक्के मराठी परिवारों में पूजनीय हैं। इन्हें पूजा में रखा जाता है।

बना हुआ है ग्रुप

विशाल ने बताया कि वे देशभर के ऐसे लोगों से जुड़े हुए हैं, जो सिक्कों व अन्य पुरानी चीजों का संग्रहण करते हैं। ऐसे लोगों का एक ग्रुप भी बना हुआ है। उनके माध्यम से ही विशाल ये सिक्के खरीदते हैं। करीब चार हजार लोगों के वे संपर्क में हैं। बहुमूल्य सिक्कों को खरीदने के लिए विशाल रकम भी खर्च करते हैं।

ये मुद्राएं हैं विशाल के खजाने में

● 2600 वर्ष पुरानी मुद्राएं।

● चंद्रगुप्त काल, मौर्य काल के 2300 वर्ष पुराने सिक्के भी इनके पास हैं।

● कुषाण, शुंग, इंडोसेशन काल के सिक्के व स्वराष्ट्र जनपद के सिक्के।

● चोल वंश, हिंदूशाही रियासत के सिक्के।

मराठा शासकों का बांट भी

विशाल के पास मराठा शासकों का तौल बांट भी है। इनके पास 200 तरह के करीब 1000 बांट हैं।