देवास. इतिहास के जानकार दिलीप सिंह जाधव माता टेकरी पर स्थित स्मारक को स्वतंत्रता से जुड़ा स्मारक नहीं मानते हैं, बल्कि इसे चिरंजीव स्मारक बताया है। यह 1938 में तब बनवाया गया था, जब जूनियर स्टेट के युवराज यशवंतराव पवार, सरदार राव साहेब मोहिते व राव साहेब हरोड़े किरगांव (खंडवा) के जंगलों में शिकार के दौरान बाघिन के हमले से बच गए थे। लौटने के बाद जूनियर स्टेट के राजा ने टेकरी पर चिरंजीव स्मारक का निर्माण कराया था।