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एमपी में अफसर मैडम मांग रही थीं 7.50 लाख रुपये महीना, अब बढ़ेंगी मुश्किलें!

mp news: सहायक आबकारी आयुक्त पर 7.50 लाख रुपये महीना रिश्वत मांगने का आरोप, शराब ठेकेदार ने जान देने से पहले बनाए वीडियो में लगाए आरोप...।
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देवास

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Shailendra Sharma

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Updated: 5 Dec 2025, 7:57 PM IST

Mandakini Dixit

Mandakini Dixit

mp news: मध्यप्रदेश में पिछले 8 नवंबर को चापड़ा, करनावद, डबल चौकी शराब दुकान के ठेकेदार दिनेश मकवाना निवासी कनाड़िया इंदौर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आया। शुक्रवार को एक वीडियो वायरल हुआ जो शराब ठेकेदार मकवाना की आत्महत्या से पहले का है। इसमें मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर आरोप लगाए हैं। वीडियो में मकवाना कह रहे हैं कि एक दुकान से मैडम को 1.50 लाख रुपए महीना चाहिए। वहीं इस संबंध में सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित का एक आवेदन भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जो उन्होंने 24 नवंबर को देवास एसपी को सौंपा था। इसमें दीक्षित ने मकवाना के परिजनों पर ब्लैकमेल करने के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
देखें वीडियो-

मरने से पहले वीडियो में ये कहा..

ठेकेदार दिनेश मकवाना का जो वीडियो सामने आया है उसमें वो एक फोर व्हीलर में कह रहा है- मैं दिनेश मकवाना देवास जिले में शराब ठेके चलाता हूं। चापड़ा, करनावद, डबलचौकी में 14 करोड़ का काम है। यहां पर एसी मेडम है मंदाकिनी दीक्षित, ये मुझसे पैसों की डिमांड करती हैं। इनको एक दुकान से 1.50 लाख रुपए महीना चाहिए। पांच दुकान हैं मेरे पास, उसके 7.50 लाख रुपए इनको चाहिए। अभी तक मैं 20-22 लाख रुपए इन्हें दे चुका हूं। मैंने बोला मेडम अभी घाटा हो रहा है। दशहरे के बाद बिक्री बढ़ जाएगी तो मैं पेमेंट दे दूंगा तो मेडम माल पर रोक लगवा देती है। माल नहीं देने देती है। आज भी मेरा इश्यू था तो मना कर दिया कि माल मत देना जब तक पेमेंट नहीं आए। रोज इनका यही रहता है। इस कारण मैं इनसे त्रस्त होकर आत्महत्या कर रहा हूं।

'मेरी कभी कोई बात नहीं हुई, आरोप निराधार'

उधर सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित ने बताया कि संबंधित ठेकेदार से उनकी कभी भी फोन या मैसेज या आमने सामने किसी तरह की बातचीत नहीं हुई है। पुलिस की जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। जो आरोप लगाए गए हैं वो निराधार हैं। वीडियो देखकर स्पष्ट लग रहा है कि दशहरे से पहले का वीडियो है और ब्लैकमेलिंग के लिए बनाया गया है। हमारे विभाग में ऑनलाइन प्रक्रिया है। उसकी निर्धारित राशि है। ठेकेदार जब तक ऑनलाइन राशि नहीं भरेगा तब तक माल की निकासी नहीं हो सकती है। उनकी माताजी द्वारा 9 नवंबर से लगातार मुझे ब्लैकमेल कर दो करोड़ रुपये की मांग की जा रही थी। मैंने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। शिकायती आवेदन देकर वीडियो, ऑडियो भी एसपी कार्यालय में जमा कर चुकी हूं।