
recognition cancelled: आवश्यक दस्तावेजों की कमी, भवन, मैदान का अभाव, शिक्षकों की कमी और योग्यता की कमी, छात्रों की जानकारी ऑनलाइन अपडेट नहीं, फायर सेफ्टी जैसे मान्यता के मुख्य मापदंड पर जिले के कई निजी स्कूल खरे नहीं उतरे हैं। इसके चलते बीआरसी के बाद डीपीसी स्तर पर भी 87 स्कूलों की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। अब ये स्कूल कलेक्टर को मान्यता के लिए आवेदन देंगे।
धार जिले में 671 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन दिए थे जिसका बीआरसी ने 31 मार्च तक निरीक्षण किया था। जिन स्कूलों में कमियां मिली थी उनकी मान्यता रद्द करने को लेकर बीआरसी ने अनुशंसा की थी। इसके बाद डीपीसी स्तर पर मान्यता के मापदंडों को परखा गया, लेकिन उसमें स्कूलों में कमियां मिली। जिस पर डीपीसी स्तर पर भी स्कूलों की मान्यता रद्द हो गई है।
जिले में एक क्लिक पर विद्यार्थियों की संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के मकसद से 12 अंकों का अपार आइडी (Apaar ID) बनाया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों की संपूर्ण जानकारी होगी, लेकिन अपार में आधार अपडेशन को लेकर दिक्कतें आ रही है। कई बच्चों के आधार अपडेट नहीं हो रहे हैं, ऐसे में उनकी अपार आइडी नहीं बन रही हैं, क्योंकि शहर में सेंटरों में आधार सेंटरों की संख्या भी कम हैं। विभाग भी उदासीनता बरत रहा है, इससे लक्ष्य पूर्ति नहीं हो पा रही है।
कई बार टाइम लाइन दी गई, लेकिन लक्ष्य पूरा नहीं हो पा रहा है। पहले दिसंबर 2025 तक सभी के अपार आइडी बनाए जाने थे, लेकिन कार्य पूरा नहीं हुआ तो 31 मार्च की टाइम लाइन तय की गई। अब अप्रैल तक कार्य पूरा करने की प्लानिंग की गई है। हालांकि अब कम प्रगति को देखकर शिक्षक भी मदद कर आधार अपडेट आइडी में बनाने में मार्गदर्शन करेंगे। जिले में अब तक सिर्फ प्रतिशत विद्यार्थियों की ही आइडी बनी है। जिले में 3 लाख 27 हजार 421 आइडी बनना है, लेकिन अब तक 2 लाख 6 हजार 734 बनाई जा सकी है। आइडी बनाने का कार्य स्कूलों को दिया गया है, जो यू डाइस प्लस पोर्टल के जरिए बनाई जा रही है। हालांकि दो दिन से तकनीकी दिक्कतों से चलते पोर्टल में खुल नहीं रहा हैं।
अपार आइडी यू-डाइस प्लस पोर्टल के डाटा के आधार पर बन रहा है। पोर्टल और आधार कार्ड की जानकारी के डालने के बाद आईडी बनता है, लेकिन पोर्टल और आधार कार्ड की जानकारी में अड़चन आने से आइडी जनरेट नहीं हो रही है, जैसे स्टूडेंट का नाम, माता-पिता का नाम, सरनेम में बिंदी का अंतर आ रहा है, या फिर स्पेलिंग आधार और पोर्टल के डाटा में अलग अलग है। ऐसी स्थिति में अपार आइडी जनरेट नहीं होगी। ऐसी समस्याओं की वजह से अब तक 2 हजार आइडी रिजेक्ट हो चुकी है। हालांकि लोग आधार अपडेट करवाना चाहते हैं, लेकिन आधार सेंटरों पर वेटिंग चल रही है।
स्कूल द्वारा आवेदन पोर्टल पर लॉक करने के बाद जिले के बीआरसी स्कूलों का निरीक्षण कर मान्यता के मापदंडों को परखते हैं। स्कूलों की कमियां और मापदंडों को पूरा कर रिपोर्ट तैयार डीपीसी स्तर पर भेज देते हैं। डीपीसी स्तर पर वैरिफिकेशन कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। जिसमें कमियां मिलने पर मान्यता रद्द कर दी जाती है, जबकि मापदंड पूरा करने वाले स्कूलों को मान्यता मिल जाती है। मान्यता रद्द वाले स्कूलों के पास कलेक्टर के पास अपील करने की अंतिम अवसर होता है।
Published on:
21 Apr 2025 01:05 pm
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