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अजब-गजब- करोड़ों के इस हाइटेक रेलवे स्टेशन पर बिना टिकट सफर की सुविधा

खास बात तो यह है कि स्टॉपेज नहीं होने के बाद भी यहां से लोग ट्रेन का सफर करते हैं और वह भी बिना टिकट के यानि बिल्कुल फ्री.

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सत्येंद्रसिंह राठौर, देवास. इंदौर- देवास रेलवे ट्रैक पर करोड़ों रुपए की लागत से एक रेलवे स्टेशन तैयार किया गया लेकिन यहां एक भी सवारी गाड़ी का स्टॉपेज नहीं है। ट्रेन नहीं रुकने के कारण क्षेत्र की कॉलोनियों, कई गांवों के सैकड़ों लोग इंदौर, उज्जैन व अन्य शहरों तक आनेजाने में दिक्कतों से जूझ रहे हैं। खास बात तो यह है कि स्टॉपेज नहीं होने के बाद भी यहां से लोग ट्रेन का सफर करते हैं और वह भी बिना टिकट के यानि बिल्कुल फ्री.

देवास से बाहर बिंजाना रेलवे स्टेशन का लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है. कॉलोनियों व बिंजाना के लोगों को एबी रोड तक पहुंचने में ही एक से लेकर तीन किमी तक सफर स्वयं के साधनों या फिर पैदल या लिफ्ट मांगकर तय करना पड़ रहा है। इसके बाद एबी रोड से लोक परिवहन के साधनों का सहारा मिलता है। इसमें समय अधिक लगने के साथ ही आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।

देवास रेलवे स्टेशन से बिंजाना रेलवे स्टेशन की दूरी 7.7 किमी है जबकि सडक़ मार्ग से यह करीब 9.5 किमी दूर पड़ता है। बिंजाना के अलावा आसपास के कई कॉलोनियां और गांव हैं। यहां रहने वाले अधिकांश परिवार श्रमिक वर्ग से ताल्लुक रखते हैं, इनमें से कई इंदौर में भी नौकरी करते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी इंदौर, उज्जैन में पढ़ाई के सिलसिले में अपडाउन करते हैं. कई लोग सरकारी सेवा में भी हैं जो रोजाना आतेजाते हैं। इसके साथ ही अन्य अलग-अलग कामों के कारण क्षेत्र से सैकड़ों लोगों का आनाजाना इंदौर व उज्जैन होता है। बिंजाना रेलवे स्टेशन पर एक भी सवारी गाड़ी नहीं रुकने के कारण आवागमन का एकमात्र साधन निजी वाहन या फिर बस आदि ही हैं।

इस क्षेत्र से एबी रोड तक पहुंचना दिक्कतों से भरा है. जिनके पास स्वयं के साधन नहीं रहते उनको पैदल ही सफर करना पड़ता है या फिर लिफ्ट मांगना पड़ती है. लोक परिवहन का कोई साधन इस मार्ग पर नहीं है। एबी रोड रसूलपुर से बिंजाना स्टेशन की दूरी करीब ढाई किमी है जबकि बिंजाना गांव एबी रोड से करीब तीन किमी दूर पड़ता है। यदि बिंजाना रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेनों जैसे इंदौर उज्जैन पैसेंजर, इंदौर.नागदा पैसेंजर का स्टॉपेज कर दिया जाए तो लोगों को बहुत सुविधा हो जाएगी और रेलवे की आय भी शुरू हो जाएगी।

पहले फ्लेग स्टेशन था अब है ब्लॉक स्टेशन, 20 का स्टॉफ
2017 के पहले तक बिंजाना में रेलवे स्टेशन के नाम पर छोटा सा कार्यालय था। यहां स्टॉफ के नाम पर अधिकांश समय कोई नहीं रहता था, रेलवे सिग्नल आदि नहीं थे। ऐसे स्टेशन को रेलवे द्वारा फ्लेग स्टेशन कहा जाता है। 2017 में यहां नया रेलवे स्टेशन भवन बना, यहां प्लेटफॉर्म बनाए गए फुट ओवरब्रिज सहित करोड़ों रुपए के काम हुए। वर्तमान में यहां 20 अधिकारी-कर्मचारियों का स्टॉफ है। इनमें 4 स्टेशन मास्टरए,दो अन्य सहायक स्टॉफ, 12 गैंगमैन शामिल हैं। बिंजाना अब ब्लॉक स्टेशन की श्रेणी में शामिल है।

क्रॉसिंग के दौरान गाड़ी रुकने पर करते हैं बिना टिकट यात्रा
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिंजाना में कई ट्रेनों की क्रॉसिंग होना लगभग रोजाना तय रहता है। शाम को अवंतिका एक्सप्रेस, ओवरनाइट एक्सप्रेस से अक्सर पैसेंजर ट्रेन की क्रॉसिंग होती है. ऐसे में कई यात्री पैसेंजर में सवार हो जाते हैं. चूंकि रेलवे स्टेशन पर किसी गाड़ी का स्टॉपेज नहीं है इसलिए यहां से टिकट आदि की कोई व्यवस्था नहीं है। इंदौर जाने और वापस आने के दौरान इंदौर.उज्जैन पैसेंजर स्टॉफ के लिए यहां सिर्फ एक मिनट रुकती है। इस दौरान भी कई यात्री इसमें सवार हो जाते हैं।

पश्चिम रेलवे इंदौर के प्रवक्ता खेमराज मीणा के मुताबिक किसी भी रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का स्टॉपेज शुरू करने में यात्रियों की संख्या, रेलवे की आय आदि महत्वपूर्ण बिंदु शामिल रहते हैं। इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय द्वारा निर्णय लिया जाता है।

सांसद डीआरएम के नाम दिए जा चुके हैं आवेदन
क्षेत्र के रहवासी पिछले करीब चार साल से ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए मांग उठा रहे हैं। इस संबंध देवास सांसद, डीआरएम रतलाम के नाम आवेदन भी दिए जा चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। रहवासी विजय शर्मा ने बताया कि सामान्य गाडिय़ों को यहां रोकने, टिकट वितरण शुरू करने से रेलवे की आय भी बढ़ेगी।