
CG News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में कृषि ऋण लेने के बाद किसान कृषि कर्ज पटाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। धमतरी जिले में 1786 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने ऋण चुकता नहीं किया है। सहकारी विभाग ने ऐसे किसानों को डिफाल्टर किसानों की सूची में डाल दिया है। धमतरी जिले में खरीफ वर्ष-2024-25 में करीब 1.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने धान फसल लिया था। धान का बंपर उत्पादन हुआ।
खेती-किसानी के लिए 65160 किसानों ने सहकारी समितियों से 260 करोड़ 47 लाख 58 हजार रूपए का कर्ज लिया। इसमें से 64762 किसानों ने 259 करोड़ 46 लाख 11 हजार रूपए की राशि जमा करा दी। जबकि 398 किसान अब तक राशि जमा कराने के लिए सामने नहीं आए। बता दें कि प्रत्येक वर्ष कृषि ऋण की राशि किसानों को 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से जमा कराना होता है।
मिली जानकारी के अनुसार जिले में पुराने डिफाल्टर किसानों की संख्या 2345 थी। इनसे शासन को 5 करोड़ 93 लाख 44 हजार रूपए की वसूली करनी थी। खरीफ सीजन में 957 किसानों से 3 करोड़ 31 लाख 18 रूपए की ऋण वसूली हो गई है। शेष 1388 किसान ऋण चुकाने में रूचि नहीं दिखा रहे। खरीफ वर्ष-2024-25 में 398 किसानों को मिलाकर अब डिफाल्टर किसानों की संख्या 1786 हो गई है।
इन किसानों से विभाग को करीब 3 करोड़ का ऋण वसूलना है। जिले में 1388 पुराने और 398 नए डिफाल्टर किसान है। ऋण वसूली का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इन किसानों पर शासन का करीब 3 करोड़ का कर्ज बकाया है। बलरामपुरी गोस्वामी, नोडल अधिकारी
धमतरी जिले में इस साल समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए कुल 1 लाख 28 हजार 344 किसानों ने पंजीयन कराया था। 1 लाख 23 हजार 764 किसानों से 61 लाख 98 हजार 136 क्विंटल धान खरीदा गया। इसकी कुल राशि 1427 करोड़ 26 लाख 42 रूपए होती है।
समर्थन मूल्य पर धान बेचने के दौरान लिकिंग के माध्यम से 64762 किसानों ने कर्ज चुकाया है। शेष 398 किसान और पुराने 1388 किसानों पर अभी भी 3 करोड़ का ऋण बकाया है। इन किसानों से अब 15.50 प्रतिशत ब्याज के साथ मूलधन वसूला जाएगा।
Published on:
07 Apr 2025 12:17 pm
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