
CG Cancer Patients: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में अनियमित खानपान व अन्य कारणों के चलते जिले में कैंसर पीड़ितों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। चिन्हांकन करने के बाद अब जिला अस्पताल में ही कैंसर पीड़ित मरीजों को कीमोथैरेपी देकर इनका इलाज किया जा रहा है। वर्तमान में 150 कैसर मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज हो रहा है।
स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने से मरीज और उनके परिजनों को राहत मिली है। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार धमतरी जिले में बच्चादानी, मुख, ब्रेेस्ट कैंसर के अलावा सर्वाइकल कैंसर के सबसे ज्यादा मरीज चिन्हांकित हुए हैं। धमतरी जिला अस्पताल में 2018 से लेकर 2024 दिसंबर तक 401 कैंसर पीड़ित मरीज रजिस्टर्ड हुए हैं।
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अन्य बीमारियों की तरह अब कैंसर की बीमारी भी आम हो गई है। अनियमित खानपान और अनुवांशिक कारणों से बुजुर्ग के साथ ही युवक और महिलाएं भी इस बीमारी की गिरफ्त में आ रहे हैं। पिछले कुछ सालों में धमतरी जिले में बच्चादानी कैंसर, मुख कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के मरीजों में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ राहुल सोनकर ने बताया कि जिला अस्पताल में विभिन्न स्टेज के कैंसर से पीड़ित 150 मरीजों को कीमोथैरेपी दी जा रही है। पिछले दो सालों में करीब 700 मरीजों को कीमोथैरेपी दी जा चुकी है।
कीमोथैरेपी के साथ ही इन्हें दवाईयां भी चलाई जा रही है। विशेषज्ञ डाक्टर ने बताया कि तंबाकू समेत गुटखा खाने से निकोटिन की मात्रा हमारे शरीर में प्रवेश करती है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। बाद में यह कैंसर का रूप ले लेती है। इसी तरह कोशिकाओं में अनुवांशिक परिवर्तन होता है। बाद में ट्यूमर कैंसर में बदल जाती है। ज्यादातर महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित हैं। इसके अलावा सरवाईकल कैंसर, मुख कैंसर के मरीज सामने आ रहे हैं।
4 फरवरी को अंर्तराष्ट्रीय कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर जिला अस्पताल में हर साल विशेषज्ञ शिविर लगाकर लोगों को कैंसर के लक्षण उसके बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी जाती है। स्क्रीनिंग कर मरीजों की पहचान भी की जाती है। यह पूर्णत: नि:शुल्क होता है। इस साल भी शिविर की तैयारी चल रही है। हालांकि अभी इसके लिए उच्च कार्यालय से निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
डॉ राहुल सोनकर ने बताया कि शुरूवाती लक्षण के साथ ही कैंसर की पहचान होने पर इसका इलाज संभव हैं। अलग-अलग कैंसर में 8 से 10 या इससे अधिक कीमोथैरपी की जरूरत पड़ती है। जिला अस्पताल में यह चिकित्सा सुविधा निशुल्क दी जा रही है। निजी में एक बार कीमोथैरेपी कराने पर 20 से 22 हजार का खर्चा आता है, इसलिए जिला अस्पताल में मिल रही सुविधा से मरीज संतुष्ट हैं। चिन्हांकित मरीजों को जिला अस्पताल में सोमवार, मंगलवार और बुधवार लगातार तीन दिन कीमोथैरेपी दी जाती है।
Updated on:
24 Jan 2025 02:00 pm
Published on:
24 Jan 2025 01:57 pm
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