
CG Mining: वर्षाकाल में रेत खनन पर प्रदेश भर में प्रतिबंध है। धमतरी जिले में 10 जून से प्रतिबंध लगाया गया है। इसका असर जिले में नहीं दिख रहा। डंपिंग के नाम पर रोज 200 हाइवा से अधिक रेत निकासी हो रही है। इसके अलावा 500 से अधिक ट्रेेक्टरों में खदानों से रेत निकाला जा रहा है। धमतरी जिले में तो रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। जिले के एक कद्दावर नेता की शह पर रेत खदानों में एनजीटी का उल्लंघन लगातार जारी है। इधर जिला प्रशासन भी इस ओर कार्रवाई नहीं कर रही।
4 जुलाई गुरूवार को जिले के प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा धमतरी में हो रहे सरकारी कामकाज की समीक्षा करने पहुंचे। ढाई घंटे तक चली बैठक में रेत खनन सहित अन्य अवैध कार्यों पर चर्चा नहीं हुई। विभागीय अधिकारियों ने अपनी उपलब्धि गिनाई और मंत्री ने कामकाज को जिमेदारी से करने की बात कहते हुए बैठक समाप्त की।
पत्रकारों ने जिले में चल रहे अवैध रेत खनन पर सवाल किया तो प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने रटा-रटाया जवाब दिया कि उन्होंने खदानों पर कार्रवाई के लिए कलेक्टर को निर्देशित किया है। सप्ताह भर पूर्व डिप्टी सीएम अरूण साव एक कार्यक्रम में धमतरी पहुंचे थे। उन्होंने भी यही जवाब दिया था। साय सरकार में अवैध कारोबार, अवैध उत्खनन नहीं चलेगा, का बयान देकर मंत्री निकल जा रहे। इधर पुराने ढर्रे पर रेत का अवैध खनन जारी रहता है।
रेत भंडारण के लिए खनिज विभाग ने 38 अस्थाई डंपिंग प्वाइंट की अनुमति दी है। जिले में 60 से अधिक स्थानों पर अवैध रेत डंप कर शासन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लोहरसी के ही एक राइस मिल में ही भारी मात्रा में रेत डंप किया गया है। इसी तरह कुरुद, मगरलोड, जंवरगांव क्षेत्र में जगह-जगह अवैध रेत डंपिंग संचालित है। खनिज विभाग ऐसे अवैध डंपिंग पर भी कार्रवाई नहीं कर रही।
जीवनदायिनी महानदी का स्वरूप अवैध खनन से बिगड़ते जा रहा है। नदी तट के आसपास बसे गांवों का वाटर लेवल तेजी से गिर रहा है। महानदी में कटाव बढ़ते जा रहा है। लिमिट से अधिक खुदाई होने से एनजीटी के नियमों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है।
सुबह 11 बजे प्रभारी मंत्री ने कलेक्ट्रेट में विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। विभागवार उन्होंने योजनाओं की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए। राजस्व प्रकरणों को समय सीमा में पूरा करने व सरकारी काम में कसावट लाने निर्देश दिए।
Updated on:
5 Jul 2024, 1:59 PM IST
Published on:
5 Jul 2024, 1:56 PM IST
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