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चिटफंड कंपनियों ने लगाया 80 करोड़ का चूना, दलालों की संपत्ति नहीं हुई कुर्क

 चिटफंड कंपनियों ने यहां भोले भाले लोगों को झांसा देकर उनसे करीब 80 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। इस मामले में पुलिस ने अब तक विभिन्न कंपनियों के दो दर्जन से अधिक प्रबंधक और संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है

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deepak dilliwar

Jan 07, 2017

chit fund

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धमतरी. चिटफंड कंपनियों ने यहां भोले भाले लोगों को झांसा देकर उनसे करीब 80 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। इस मामले में पुलिस ने अब तक विभिन्न कंपनियों के दो दर्जन से अधिक प्रबंधक और संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनकी अचल संपत्तियों को कुर्क करने के लिए शासन से निर्देश मिलने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। निवेशक है कि आए दिन अपनी रकम वापसी के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं।

गौरतलब है कि जिले में करीब 80 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी करने वाली चिटफंड कंपनियों की संपत्तियों को कुर्क करने कोतवाली पुलिस ने कलक्टर/जिला दंडाधिकारी को प्रतिवेदन सौंपा है। कलक्टर को कुर्की पावर होने से सांई प्रकाश, बीएनपी, एचबीएन, जीएन गोल्ड, संजीवनी, सांई प्रसाद तथा दिव्यानी कंपनी की जब्त संपत्तियों को कुर्क करने का मार्ग खुल गया हैं। बताया गया है कि ऐसी कंपनियों की जब्त संपत्तियों को बेचकर निवेशकों की राशि लौटाई जानी हैं। शहर के बांसपारा के निवेशक मनोज यादव, चंदूलाल साहू, रमेश ने कहा कि शासन से कुर्की का आदेश मिले सालभर हो गया है, लेकिन अब तक जिला प्रशासन निवेशकों के हित में कोई फैसला नहीं ले सका।

ये हैं जेल में बंद
पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में जीएन गोल्ड कंपनी के शैलेंद्र बन गोस्वामी ग्राम मरौद, खेमेंद्र बोपचे आमगांव गोंदिया, बलजीत शर्मा जिंद हरियाणा, देवेश उर्फ दिवेश कुमार बजाज पश्चिम विहार नई दिल्ली, देव्यानी कंपनी के रमेश चौधरी ग्वालियर, एचबीएन कंपनी के अमनदीप सिंह नई दिल्ली, चंदन साहू खिसोरा, सांई प्रसाद कंपनी के वंदना भापकर, बाला साहब भापकर आदि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनके खिलाफ जांच कार्रवाई भी चल रही है।

कबीरधाम कलेक्टर डॉ. सीआर प्रसन्ना ने बताया कि कुर्की के लिए शासन से आदेश मिलते ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुछ कंपनियों की भोपाल में भी अचल संपत्ति है, जिसे जब्त करने भोपाल प्रशासन को पत्र लिखकर आधिपत्य में देने के लिए संपर्क किया जा रहा है।