
रायपुर/धमतरी. बिजली बिल को जीएसटी स्लैब से बाहर रखा गया है। बावजूद उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिल से राहत नहीं मिल पा रही है। सूत्रों की माने तो जीएसटी के नियमों के मुताबिक अगर आप ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो आप जीएसटी के दायरे में आ जाते हैं। खास बात यह भी है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को भी इसके बारे में पता नहीं है। यहां हम एक जिले के उपभोक्ताआें को लेकर बिजली बिल की पड़ताल की। जिसमें एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में 27 हजार 110 विद्युत उपभोक्ता है, जिसमें से 60 फीसदी घरेलू उपभोक्ता शामिल है। विभाग द्वारा प्रतिमाह स्पॉट मीटर रीडिंग के बाद माह के आखिरी या प्रथम सप्ताह में बिजली का बिल जारी किया जाता है। देखा गया है कि जबसे जीएसटी लागू हुआ है, बिजली बिल में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। विभागीय अधिकारियों की माने तो केन्द्र शासन ने बिजली को जीएसटी के दायरे से तो दूर रखा है, लेकिन बिल पटाने के लिए ऑनलाइन सुविधा का लाभ लेने पर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का 18 प्रतिशत GST लगाया जा रहा है। ऐसे मेंं ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान करने वाले लोगों को अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
बताया गया है कि किसी उपभोक्ता का प्रतिमाह 4 हजार रूपए के भीतर बिजली का बिल आता है, तो इस पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। लेकिन यदि 4 हजार से अधिक का बिल आता है, तो बैंक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का 18 प्रतिशत जीएसटी उपभोक्ता को चुकाना होगा।
उपभोक्ता सविता साहू, कुमारी साहू ने बताया कि प्रतिमाह में उनके यहां 3 सौ रूपए से ज्यादा का बिल नहीं आता था, लेकिन पिछले तीन माह से 8 सौ से ज्यादा का बिल आ रहा है। इसकी शिकायत उन्होंने विभाग से भी की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
उधर ऑनलाइन पेंमेंट करने वाले ऐसे उपभोक्ता को गहरा झटका लगा है, जिनके घर का प्रतिमाह 4 हजार से ज्यादा का बिल आता है। च्वाईज सेंटर प्रभारी आदित्य का कहना है कि बिजली पर जीएसटी तो नहीं लगाया गया है, लेकिन ऑनलाइन पेंमेंट पर जीएसटी लागू किया गया है, ऐसे मेंं उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया है।
गौरवसिंह उईके, जेई विद्युत विभाग
Updated on:
11 Nov 2017 09:19 pm
Published on:
11 Nov 2017 07:37 pm
बड़ी खबरें
View Allधमतरी
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
