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अगर आपके घर के नजदीक लगा है मोबाइल टावर, तो रहें सावधान वरना हो सकती है ये बीमारियां

मोबाइल टावरों की बढ़ती संख्या के कारण लोगों की सेहत पर पड़ रहा बुरा असर

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धमतरी

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Deepak Sahu

Apr 22, 2018

mobile tower

धमतरी. छत्तीसगढ़ के शहरों में मोबाइल टॉवर की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को मोबाइल कंपनियों की सुविधाएं तो मिल रही है।साथ ही उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।वर्तमान में शहर की आबादी का एक बड़ा हिस्सा रेडिएशन के खतरे की जद में आ गया है।

धमतरी शहर में विभिन्न 9 मोबाइल कंपनियों की ओर से 40 टॉवर लगाए गए हैं। इनमें से 36 टॉवर चालू हालत में और 4 टॉवर बंद पड़े हुए हैं। शहर में करीब 50 हजार से ज्यादा मोबाइलधारी उपभोक्ता है। उल्लेखनीय है कि मोबाइल टॉवर से रोजाना इलेक्ट्रो मैगनेटिक रेडिएशन निकलता है। यह रेडिएशन व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बनाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन आधे से एक घंटे तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से ब्रेन कैंसर होने का खतरा तीन गुना बढ़ सकता है।

मोबाइल और टावरों से निकलने वाले रेडिएशन से सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। केन्द्र सरकार के निर्देश के बाद भी यहां रेडिएशन मापन यंत्र नहीं लगाया गया।नागरिक अजय पटेल, रोहित सिन्हा, मनोज कुमार, सुनीता चौरे ने जनहित को देखते ही निगम प्रशासन से ऐसे टॉवरों को हटाने की मांग की है।

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मोबाइल टॉवर लगाने के लिए शासन ने नियम बनाए हैं। इसके मुताबिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मोबाइल टॉवर नहीं लगाया जा सकता। देखा गया है कि शहर में 50 फीसदी टॉवर घनी आबादी वाले मकई चौक, रत्नाबांधा चौक, जोधापुर चौक, औद्योगिक वार्ड, सदर बाजार में लगाया गया है। पिछले दिनों कचहरी चौक में एक अस्पताल में लगाए गए टॉवर को हटाया भी गया।

नगर निगम कमिश्नर अशोक द्विवेदी ने बताया कि निगम प्रशासन की ओर मोबाइल टॉवर लगाने के लिए जो गाइड लाइन बनाई गई है, उसका पालन करने वाली मोबाइल कंपनियों को ही अनुमति दी गई है।

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