
अब 20 हजार एटीएम कार्ड पर लग सकता है ब्रेक, ये है बड़ी वजह
धमतरी. लगातार बढ़ रहे साइबर क्राइम को देखते आरबीआई ने बैंकों को दिसंबर-2018 तक उपभोक्ताओं को मैंग्निट डेबिट या के्रडिट कार्ड को रिप्लेस कराकर चिपयुक्त कार्ड जारी कराने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद 20 हजार से अधिक एटीएम और डेबिट कार्डधारियोंं ने अपने कार्ड को अपगे्रड नहीं कराया है।
उल्लेखनीय है कि आरबीआई के निर्देश के तहत धमतरी जिले के बैंकों ने अपने उपभोक्ताओंं को ऑनलाइन शॉपिंग समेत 24 घंटा तक लेन-देन की सुविधा प्रदान करने के लिए मैग्नेटिक स्ट्राइप वाला डेबिट या के्रडिट कार्ड प्रदान किया है, लेकिन देखा गया कि पिछले कुछ सालों में एटीएम फ्राड की घटनाओं में अप्रत्याशित रूप से हुई है। बताया गया है कि जिले में पिछले सालभर में अब तक 150 से अधिक एटीएम फ्राड की घटनाएं हुई है। इन सब स्थितियों को देखते हुए आरबीआई ने बैंकों को नया निर्देश जारी कर दिया है, जिसके तहत अब बैंक प्रबंधन उपभोक्ताओं को अपने पुराने एटीएम को अपडेट कराने की सलाह दी है।
सूत्रों की मानें तो वर्तमान मेंं जिले के 27 बैंकोंं की 93 बैंक शाखाएं संचालित हो रही है, जिनमें ९ लाख से अधिक खाताधारी है। इनमें से करीब 8 लाख खाताधारियोंं के पास एटीएम या डेबिट कार्ड हैं, जबकि 10 फीसदी उपभोक्ताओं को कार्ड ही नहीं मिल पाया है। बताया गया है कि कुल खाताधारियों में से 20 हजार उपभोक्ताओं ने अपने कार्ड को रिप्लेस नहीं कराया है। ऐसे में फ्राड होने का खतरा बढ़ गया है।
वंदना तिवारी, तृप्ति देवांगन का कहना है कि वे बैंक के नियमित उपभोक्ता हैं। ऑनलाइन शॉपिंग समेत अन्य सुविधाओं का लाभ लेने के लिए उन्होंने बैंक से मैग्नेटिक डेबिट कार्ड लिया है। एक निजी बैंक में पुन: खाता खुलवाने पर उन्हें चिपवाला कार्ड प्रदान किया गया है, तब उन्हें नियम की जानकारी मिली। जबकि अधिकांश उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी ही नहीं है।
लीड बैंक अधिकारी, अमित रंजन ने बताया आरबीआई के निर्देशों को फॉलों कर रहे हैं। इसके तहत उपभोक्ताओं की सेफ्टी के लिए उन्हें चिपयुक्त डेबिट या के्रडिट कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है।
Updated on:
30 Sept 2018 11:04 am
Published on:
30 Sept 2018 11:04 am
