
Raksha Bandhan 2024 Shubh Muhurat: भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त को परंपरागत ढंग से मनाया जाएगा। इस साल पूर्णिमा तिथि लगने के साथ ही भ्रदाकाल शुरू हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 18 अगस्त की रात करीब 3 बजे से भद्रा लग जाएगी। सुबह 9 बजकर 51 मिनट से 10 बजकर 53 मिनट पर भद्रा पूंछ रहेगा। सुबह 10 बजकर 53 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 37 मिनट तक भ्रदा मुख रहेगा। इसके बाद भद्रा का समापन दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर होगा। इसके बाद राखी बांधी जा सकती है। ऐसे में बहनों को भाईयों की कलाई को सजाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा।
रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहनों में विशेष उत्साह का माहौल है। रविवार को गोल बाजार समेत जगहों पर लगे राखी के स्टाल में ग्राहकों की भीड़ लगी रही। शहर के सिहावा चौक, मकई चौक, रत्नाबांधा चौक के अलावा अन्य चौक-चौहारों में भी करीब 170 से ज्यादा राखी के स्टाल लगे हुए हैं। यहां रेशम, जरीदार, स्टोन और लूंबा वाली राखियों की डिमांड बनी हुई है। गोल बाजार में भी राखियों का बाजार पूरे सबाब पर रहा। व्यापारी (Raksha Bandhan 2024) विक्की वाधवानी, सौरभ देवांगन ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व के चलते राखी बाजार में जबरदस्त रौनक है।
जीएसटी लगने के बाद सिल्वर और गोल्डन राखियों की कीमत में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। स्टोन वाली राखियां भी महंगी हो गई है। इसके बावजूद स्टोन वाली राखियां महिलाओं की पहली पसंद बनी हुई है। महिला गौरी साहू, सविता साहू, रेखा नाग, किरण देवांगन कहना है कि रक्षाबंधन का पर्व भाई और बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक है। आजकल रिश्ते-नाते में दुरियां बढ़ती जा रही है। ऐसे में रक्षाबंधन का यह पर्व परिवार को जोड़ने का काम करता है।
विद्ववत परिषद के अध्यक्ष पंडित अशोक कुमार शास्त्री, मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्यदेव की पुत्री और राजा शनिदेव की बहन है। शनि की तरह भद्रा का स्वाभाव भी कड़क बताया गया है। पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्राकाल शुरू हो रहा है, जो कि दोपहर 1.30 बजे समाप्त होगा। उन्होंने बताया कि कर्क सिहं कुंभ मीन राशि में भद्रा भूमि अर्थात मृत्यु लोक में सम्मुख रहती है। भूमि लोक में सम्मुख भ्रदा में रक्षाबंधन या शुभ कार्य अशुभ या वर्जित माना गया है।
रक्षाबंधन पर चार शुभ योग एक साथ बन रहे हैं। दरअसल इस दिन सर्वार्थ सिद्धी योग, शोभन योग, रवि योग और श्रवण नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धी योग सुबह 5.35 बजे से लेकर 8.10 बजे तक रहेगा। समापन 20 की रात 12.47 पर होगा। भ्रदा के कारण इन शुभ योगों में राखी नहीं बांधी जा सकेगी।
इधर त्यौहार के मद्देनजर लेकर मिठाई दुकानों में भी लोगों की भीड़ रही। व्यवसायी रूपेश राजपूत, चेतन हिन्दूजा ने बताया कि मिठाई के बिना यह त्यौहार अधूरा है। पर्व के मद्देनजर इस साल खोवा समेत अलग-अलग वैरायटी के मिठाई बनाया गया है, जिसमें कलाकंद, क्रीम जामुन, काजू कतली की डिमांड ज्यादा है।
Updated on:
19 Aug 2024 10:43 am
Published on:
19 Aug 2024 10:27 am
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