
नोटबंदी और कैशलेस ट्रांजिक्शन का असर अब तक जमीन के कारोबार में दिखाई दे रहा था।
यही कारण है कि सालभर तक रजिस्ट्री की रफ्तार काफी धीमी रही। मार्च माह लगते ही जमीन दलाल पूरा सक्रिय हो गए हैं। यही कारण है कि रजिस्ट्री की रफ्तार काफी तेज हो चुकी है। फरवरी माह तक रजिस्ट्री विभाग लक्ष्य के विरूद्ध मात्र 53.79 प्रतिशत ही वसूली कर पाया था, लेकिन मार्च माह में रजिस्ट्री की रफ्तार देखकर उम्मीद की जा रही है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले यह 70 प्रतिशत तक राजस्व वसूली हो जाएगी।
जिला पंजीयक टी खलको ने बताया कि रजिस्ट्री की रफ्तार अच्छी है। पिछले साल मार्च माह में 13 तारीख तक 266 दस्तावेजों की रजिस्ट्री हुई थी, जबकि इस साल 438 दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो चुकी है।
बड़े स्टाम्प खत्म
ई-स्टाम्प को बढ़ावा देने के लिए अब बड़े स्टाम्प पेपरों को बंद किया जा रहा है। कोषालय में 1 हजार 24 हजार के स्टाम्प खत्म हो चुके हैं। अब इनके बदले ई स्टाम्प का प्रयोग किया जा रहा है। 5 हजार के 642 , 15 हजार के 2 हजार, 20 हजार के 140 स्टाम्प बाकी हैं।
उल्लेखनीय है कि शासन ने 5 डिसमिल से छोटी कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर पाबंदी लगा दी है, लेकिन प्लाट पर खरीदी-बिक्री पर कोई पाबंदी नहीं है। यही कारण है कि भू-माफिया खेतों को सस्ते में खरीदकर उसका डायवर्सन करवा लेते हैं। इसके बाद प्लाट कटिंग कर वे जमीन को टुकड़ों में बेच रहे हैं। खासकर शहर और उसके आसपास इस प्रकार से जमीन का खरीदी-बिक्री काफी हो रही है।
Published on:
15 Mar 2018 09:11 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
