
पहले खरीफ और रबी सीजन दोनों में धान का उत्पादन होता था, जिसके चलते मिलर्स कस्टम मिलिंग के बाद मंड़ी से धान की खरीदी कर फ्री सेल में जुट जाते थे, लेकिन इस साल तो स्थिति विकट है। खरीफ में सूखा के चलते पहले ही धान का उत्पादन कम हुआ है। अब रबी सीजन में भी धान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके चलते मिलर्स को आगामी 7 से 9 माह तक धान मिलने की उम्मीद भी नहीं है। थक-हार कर मिलर्स मिलों को बंद कर रहे हैं। धान की कमी का असर अरवा राइस मिलों में ज्यादा देखने को मिल रहा है। स्थिति यह है कि जिले की 75 प्रतिशत अरवा मिलें बंद हो गई हैं।
जिले में धान की काफी कमी बनी हुई है। महासमुंद जिले से 124 किमी तक सफर कर धान उठाना पड़ रहा है। धान की कमी के चलते कई मिलें बंद हो गई है। कुछ चल भी रही है तो वह ज्यादा से ज्यादा एक-डेढ़ माह और चलेगी।
रोशन चंद्राकर कोषाध्यक्ष राइस मिल एसोसिएशन
मंडी में आवक नहीं
धान खरीदी बंद होने के बाद मंडी में धान की आवक बढऩे की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। स्थिति यह है कि पहले मंडी में करीब 3 हजार क्विंटल धान की आवक हो रही थी, जो घटकर 1200 बोरा तक सिमट कर रह गई है। जानकारी के अनुसार किसानों ने सूखा की स्थिति को देखते हुए बड़ी मात्रा में धान को कोठियों डंप कर दिया है। यही कारण है कि मंडी में आवक की स्थिति खराब है।
फैक्ट फाइल
मंडी में धान की आवक-1200 बोरा
Updated on:
21 Feb 2018 03:53 pm
Published on:
21 Feb 2018 03:52 pm
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