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धारः भोजशाला के सर्वे में दिखी देवी-देवताओं की आकृति, घंटे-घड़ियाल और यक्षिणी भी

survey of dhar Bhojshala- हाईकोर्ट के आदेश पर तीसरे दिन भी एएसआई का सर्वे, सर्वे में नजर आए हिन्दू मंदिर होने के प्रमाण....।

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धार

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Manish Geete

Mar 25, 2024

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survey of dhar Bhojshala

धार (dhar)में भोजशाला परिसर में नप्ती का काम पूरा हो गया। रविवार को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) ने गर्भगृह की स्कैनिंग की। यह हिस्सा भोजशाला के बाकी हिस्सों की तुलना में करीब चार इंच ऊंचा है। इसे मशीनों की मदद से टीम ने स्कैन किया। कार्बन डेटिंग पद्धति से केमिकल की मदद लेकर स्तंभों से सैंपल लिए। इससे इमारत के स्ट्रक्चर की सही जानकारी मिलेगी। स्तंभों पर जय-विजय, यक्षिणी, घंटे-घडिय़ाल और देवी-देवताओं की आकृतियां उकेरी हैं। टीम ने भोजशाला के पिछले हिस्से में गेट के नीचे की ओर खुदाई की। 25 मजदूर लगाए। 35 फीट तक जमीन में दबी वस्तुओं को ढूंढ़ लेने वाली ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार तकनीक से स्कैनिंग की। हाईकोर्ट के इंदौर बेंच के आदेश पर भोजशाला में चल रहे वैज्ञानिक सर्वे के तीसरे दिन रविवार को एएसआई की टीमें सुबह 8 बजे परिसर में पहुंचीं। गर्भगृह से शुरुआत की। धुलेंडी पर सोमवार को भी सर्वे जारी रहेगा।

भोजशाला का यह हिस्सा केंद्र बिंदु की तरह है। हिन्दू पक्ष इस स्थान को गर्भगृह की तरह मानते हैं। वे हर मंगलवार मां वाग्देवी की मूर्ति रखकर पूजा करते हैं। यहीं मौजूद गुंबद पर अष्टकमल की आकृतियां भी हैं। बारीकी से इस पूरे क्षेत्र को टीम ने स्कैन किया है। गर्भगृह से लगे स्थान के पास एक चबूतरा भी है। इसे संत के प्रवचन वाले स्थान के रूप में माना जाना है। इस स्थान को मुस्लिम पक्ष भी अहम मानता है। वैज्ञानिक सर्वे में तमाम बिंदुओं को ध्यान में रखकर प्रक्रिया की गई।

वैज्ञानिक सर्वे में कार्बन डेंटिंग शामिल करने के आदेश हंै। इसी कड़ी में रविवार को टीम ने स्तंभ व शिलालेखों पर चढ़ी परत से केमिकल लगाकर सैंपल निकाले। इससे इमारत की उम्र का पता चलेगा। यज्ञशाला, स्तंभ, शिलालेख की फोटो-वीडियोग्राफी भी की गई है।

सर्वे ठीक, क्या मिला, एएसआई बताएगी

सर्वे में शामिल हिंदू पक्षकार के याचिकाकर्ता गोपाल शर्मा ने बताया, तीसरे दिन भी मापदंड अनुसार टीम ने सर्वे किया है। सर्वे में क्या सामने आया है, इसकी जानकारी एएसआई को देना है। प्रक्रिया से हम सहमत हैं।

तीन टीमें हैं, मैं अकेला तीन जगह कैसे रहूंगा

स र्वे में कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने कहा, कुछ बिंदुओं पर आपत्ति थी। इसे लिखित में सर्वे टीम ने नहीं लिया। ई-मेल भेजा है। 2003 के बाद जो चीजें रखी गईं, उसे सर्वे में शामिल न करें। जो दिखा रहा, उसे दर्ज करें। तीन टीम हैं, मैं एक वक्त पर तीन जगह नहीं रह सकता। उन्होंने पहले दिन के सर्वे को शून्य घोषित करने की मांग की। पहले दिन पक्ष से कोई सदस्य सर्वे में नहीं था।