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MP के इस जिले में पहली बार दौड़ेगी ट्रेन, नया रेलवे ट्रैक होगा शुरू, 23 मार्च को ट्रायल रन

Indore-Dahod railway project: आजादी के बाद पहली बार इस क्षेत्र में ट्रेन की आहट सुनाई देगी, जिससे जिलेवासियो के दशकों पुराने सपनों को पंख लगने वाले है।
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धार

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Akash Dewani

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Updated: 20 Mar 2026, 10:20 AM IST

Pithampur-Dhar railway track trial run 23rd march Indore-Dahod railway project MP News

Pithampur-Dhar railway track trial run (फोटो- Patrika.com)

MP News:धार जिले के लिए बहुप्रतीक्षित इंदौर-दाहोद रेल परियोजना अब जमीन पर रफ्तार पकड़ती नजर आ रही है। पीथमपुर से धार के बीच तैयार ट्रैक पर 23 से 26 मार्च के बीच ट्रायल रन किया जाएगा, जिसमें इंजन को 50 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ाकर पटरी की मजबूती और गुणवत्ता परखी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार इस क्षेत्र में ट्रेन की आहट सुनाई देगी, जिससे जिलेवासियो के दशकों पुराने सपनों को पंख लगने वाले है। रेल ट्रायल के साथ ही धार जिले के लिए विकास की नई पटरी तैयार हो रही है। यह सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है।

40 किमी ट्रैक पर होगा ट्रायल

पीथमपुर से धार के बीच करीब 40 किमी लंबा ट्रैक (Pithampur-Dhar railway track) तैयार हो चुका है। इसी पर रेलवे द्वारा ट्रायल रन किया जाएगा। इस दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि इंजन में सवार होकर निरीक्षण करेंगे और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे।

12 घंटे का ट्रायल शेड्यूल

रेलवे द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार 23 से 26 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे के बीच अलग-अलग स्थानों पर ट्रायल होगा। इस दौरान इंजन को निर्धारित स्पीड पर चलाकर ट्रैक की स्थिरता, सिग्नल और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

आमजन के लिए चेतावनी

रेलवे प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ट्रायल के दौरान पटरी के पास न जाएं और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी तरह की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है।

लंबे इंतजार के बाद मिली रफ्तार

इंदौर-दाहोद रेल परियोजना (Indore-Dahod railway project) का शिलान्यास वर्ष 2008 में हुआ था। कई वर्षों तक धीमी गति से चलने के बाद पिछले डेढ़-दो सालों में काम ने रपत्तार पकड़ी है। पहले चरण में इंदौर से धार के बीच लगभग 55 किमी का काम अंतिम दौर में है।

आदिवासी अंचल को मिलेगा बड़ा लाभ

208 किमी लंबी इस रेल लाइन से धार, झाबुआ और अलीराजपुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों को सीधा फायदा मिलेगा। रोजगार, व्यापार और आवागमन के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

लागत कई गुना बढ़ी

परियोजना की शुरुआती लागत करीब 4000 करोड़ रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 18 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। देरी के बावजूद अब यह प्रोजेक्ट अपने पहले चरण में साकार होता नजर आ रहा है।

फैक्ट फाइल…

  • 2008 में परियोजना का शिलान्यास
  • 208 किमी कुल लंबाई
  • इंदौर से धार के बीच पहला चरण लगभग पूरा
  • सागौर, गुणावद और धार में स्टेशन तैयार (MP News)