PM Gram Sadak Yojana: पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत सरकार अब 500 आबादी वाले गांवों तक 1500 किमी पक्की सड़कों का जाल बिछाने जा रही है। इससे 761 गांवों के ग्रामीणों को कीचड़, गड्ढों और पगडंडी से राहत मिलेगी। (road construction)
PM Gram Sadak Yojana:ग्रामीण इलाकों में पक्की सड़कों के निर्माण के साथ ही लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। पीएम ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में 500 की आबादी वाले गांव (मजरे-टोलों) तक डामर की पक्की सड़कों का जाल बिछेगा। इससे लोगों को कच्चे उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरे रास्तों की समस्या से मुक्ति मिलेगी। सरकार द्वारा पिछले साल इसका ड्राट तैयार किया गया। धार जिले में शासन द्वारा सर्वे कर ऐसे गांवों का चयन किया गया है, जहां आमजन की सुविधा को देखते हुए सड़कों को निर्माण किया जाना है। 761 मजरे-टोलों में 1500 किमी सड़कें बनाई जाएगी। (road construction)
370 पुलिया का निर्माण होना प्रस्तावित है। जिला प्रशासन द्वारा 580 का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। ज्यादातर प्रस्ताव जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए थे। पिछले दिनों धार आए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने पंच-सरपंच सम्मेलन में इस बात का विशेष जिंक करते हुए ग्रामीणों की सुविधाओं पर जोर दिया था। राजस्व के साथ वन ग्रामों का भी चयन किया गया है। विभाग का कहना है कि शासन से मंजूरी मिलते ही डीपीआर और टेंडर की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। संभवतः बारिश के बाद कुछ स्थानों पर काम भी शुरु हो सकता है।
उमरबन और सरदारपुर ब्लॉक में सबसे अधिक गांवों का चयन विभागीय सर्वे में ऐसे गांवों का चयन हुआ है, जहां अभी तक सड़कें नहीं बनी है। सरकार गाइलाइन के तहत 500 आबादी वाले राजस्व ग्राम शामिल किए गए। इसके अलावा ऐसे वनग्राम भी हैं, जहां की जनसंया 250 के आसपास है। बशर्ते जनजाति समुदाय की संया 80 प्रतिशत या उससे अधिक होना चाहिए। धार जिले में 13 ही ब्लॉकों में प्राथमिकता वाले गांवों का चयन किया गया। उमरबन में सबसे अधिक 108 और सरदारपुर में 93 बसाहटों को लिया गया हैं।
गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए पीएम ग्राम सड़क योजना शुरु की थी। इसमें तीन चरणों के दौरान जिले में लगभग साढ़े 9 हजार किमी की सडकें बनाई जा चुकी है। वहीं चौथे चरण शुरु होने के बाद यह आंकड़ा 11 हजार तक पहुंचने वाला है। हालांकि कई जगह सडक़ों की गुणवत्ता शुरुआती सालों में खराब हो गई है। ऐसे में टिकाऊ और अच्छी सड़कों की ओर भी विभाग को ध्यान देने की जरूरत है।
धार जिले में 761 बसाहटों का सर्वे किया गया है। चौथे चरण में 500 की आबादी वाले छोटे गांव, जो छूटे हुए हैं, वहां पक्की सडकें बनाई जाना है। हमने 550 सडक़ों का प्रस्ताव भेजा है, जो लगभग फाइनल है। केंद्र से बजट मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया जारी कर निर्माण आरंभ किया जाएगा।- शौर्य प्रतापसिंह, जीएम पीएम ग्राम सड़क योजना इंदौर