
बिजली कंपनी की लीपापोती, ट्रांसफार्मर पर कटआऊट में गड़बड़ी, चालू तार से जोड़ रखी लाइन
धार.
शहर में बिजली कंपनी ने ११ केवी के 403 ट्रांसफार्म लगाकर बिजली व्यवस्था को सुचारू रखने का इंतजाम किया, लेकिन इनमें से कटआऊट ही गायब है। बिजली के तार से डायरेक्ट कनेक्शन जोडक़र ना केवल कटआऊट की गड़बड़ी की जा रही है बल्कि खुले तारों से लोगों की जान भी खतरे में है। इधर जोर की हवा चलते ही तार खिसक जाने से बिजली गुल हो जाती है, जिससे भी शहर की जनता परेशान है। यही हाल पूरे जिले का है, जहां लगे ट्रांसफार्मर कटआऊट के बगैर बिजली का इंतजाम बिगाड़ रहे हैं। विभागीय सूत्र बता रहे हैं कि हर साल ट्रांसफार्मर में कटआऊट के नाम पर मोटा खर्च होता है, लेकिन कटआऊट का अता पता ही नहीं है। इससे बड़ी गड़बड़ी का अंदेशा नजर आ रहा है।
मेंटेनेंस में भी गड़बड़
मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कंपनी बारिश के पूर्व घंटों बिजली बंद रखकर यह दिखाने की कोशिश करती है कि अब सबकुछ ठीक रहेगा। लेकिन मेंंटेनेंंस के बाद भी बिजली की स्थिति पूर्ववत बनी रहती है। इसका बड़ा कारण यह है कि बरसों पुराने लोहे के तार से काम चलाया जा रहा है, जबकि इनके स्थान पर मोटे केबल वायर होना चाहिए। इससे फाल्ट होने की संभावनाएं खत्म होने के साथ स्पार्किंग से भी निजात मिल जाएगी। इन सभी मामलों को अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन के जिला उपाध्यक्ष सतीश वर्मा आयोग में उठा चुके हैं। बावजूद इसके बिजली कंपनी कागजी खानापूर्ति कर बचने की कोशिश कर रही है।
कितने घंटों में ठीक होकी परेशान साफ नहीं
किसी परेशानी पर उपभोक्ता द्वारा बिजली कंपनी के शिकायत नबर पर शिकायत की जाती है, जहां से पलटकर उपभोक्ता के पास मैसेज भी आता है। लेकिन इसमें शिकायत का समय नहीं होता हे और ना ही यह स्पष्ट किया जाता है कि इसका निराकरण कितने घंटों में होगा। दरअसल पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने टोल फ्री नंबर 1912 व 07316700000 जारी किया हुआ है, जिन पर उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराते हैं। शिकायत के तत्काल बाद उपभोक्ता के मोबाइल पर मैसेज प्राप्त होता है, लेकिन इसमें भी गड़बड़ी की जा रही है।
इमरजेंसी से भी कर्मचारी नदारद
शहर में राजवाड़ा पर बिजली कंपनी ने इमरजेंसी शिकायत काउंटर बना रखा है, जहां 0729222223 नंबर उपलब्ध है। गंभीर या तात्कालीक शिकायत को लेकर उपभोक्ता इस नंबर पर फोन लगाता है, लेकिन कर्मचारियों की नदारदगी के कारण फोन ही रीसिव नहीं होता है। इधर कभी फोन उठा भी लिया तो कम्रचारी इंदौर या टोल फ्री नंबर पर शिकायत की बात करते हैं ना कि स्वयं मामले की गंभीरता को समझें। इससे भी उपभोक्ता परेशान है। इधर इमरजेंसी काउंटर पर ड्यूटी चार्ट भी नहीं लगा, जिससे यह पता चल सके कि उस समय किस कर्मचारी की उपस्थिति होना चाहिए थी।
Published on:
23 Sept 2019 11:59 am
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