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Union Carbide Toxic Waste: जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने को लेकर प्रदर्शन, कांग्रेस-भाजपा भी कर रही विरोध

Union Carbide Toxic Waste: भोपाल गैस त्रासदी के जेहरीले कचरे को जलाने को लेकर पीथमपुर के आस-पास कस्बों में भारी विरोध का माहौल है। इस विरोध में कांग्रेस और भाजपा के स्थानीय नेता भी एक साथ नजर आ रहे हैं।

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धार

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Akash Dewani

Jan 02, 2025

Bhopal Gas Tragedy Waste

Union Carbide Toxic Waste: 40 साल के बाद भोपाल का 337 टन यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा भारी सुरक्षा के बीच भोपाल से बाहर ले जाया गया। यह कचरा सुबह 4.17 बजे 12 कंटेनर में धार जिले के पीथमपुर पहुंचाया गया। कचरा पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों का विरोध और तेज हो गया। पीथमपुर के हाराणा प्रताप बस स्टैंड पर बुधवार को सर्व संगठन ने कचरा जलाए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया।

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस बीजेपी के नेता भी शामिल हुए। इसके अलावा इस प्रदर्शन में पीथमपुर बचाओ समिति, स्कूली बच्चे और पीथमपुर रक्षा समिति के लोग भी बड़ी संख्या में धरने में शामिल हुए। पीथमपुर बचाओ समिति एवं सर्व दल संगठन के लोगों ने शुक्रवार 3 जनवरी को पीथमपुर बंद का ऐलान भी किया है।

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कचरे के दुष्प्रभावों पर जताई चिंता

स्थानीय नागरिकों ने जहरीले कचरे को पीथमपुर में नष्ट किए जाने से मनुष्यों और पर्यावरण पर दुष्प्रभावों की आशंका जताई है। प्रदेश सरकार ने इस कचरे के सुरक्षित निपटान के पक्के इंतजामों का भरोसा तो दिलाया है लेकिन, स्थानीय लोग लगातार कचरे को यहां न जलाने की मांग कर रहे हैं। भाजपा नेता संजय वैष्णव ने कहा कि कल स्थानीय विधायक और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिलेंगे। वह उनसे आग्रह करेंगे की कोर्ट में रिव्यू पिटीशन लगाकर बंजर जमीन में प्लांट स्थापित कर इस मामले का निपटारा किया जाए।

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2015 में भी जलाया गया था कचरा

स्थानियों और कार्यकर्ताओं ने बताया कि साल 2015 में यहां परीक्षण के तौर पर यूनियन कार्बाइड के 10 टन कचरे को नष्ट किया गया था। उनका दावा है कि कचरा जलाने के बाद आस-पास के गांवों की मिट्टी, ग्राउंड वाटर और जल श्रोत प्रदूषित हो गए थे। हालांकि, सरकार ने इस दावे को लेकर कहा है कि 2015 के परीक्षण की रिपोर्ट और सभी आपत्तियों की जांच के बाद ही पीथमपुर में इस कचरे के निपटान का फैसला किया गया है।