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10 लाख तक में बिकते हैं ये दुर्लभ कछुए, ताकत बढ़ाने होती तस्करी

दुर्लभ इंडियन टेंट टर्टल की तस्करी करते एक को पकड़ा, चार कछुए बरामद  

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धार

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deepak deewan

Oct 21, 2022

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दुर्लभ इंडियन टेंट टर्टल की तस्करी

धार. जिले के नर्मदा पट्टी में पाया जाना वाला विलुप्ति प्रजाति का कछुआ इंडियन टेंट टर्टल की तस्करी करने का मामला सामने आया है। गुरुवार को यह सूचना सामने आई कि इंडियन टेंट टर्टल प्रजाति के कछुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। इसकी तलाशी के दौरान विभाग ने चार इंडियन टेंट टर्टल बरामद किए। विदेशों में ये लाखों में बेचे जाते हैं.ये कथित रूप से मर्दाना ताकत बढ़ाने की दवाइयों के काम आते हैं. दिवाली पर इन पर तांत्रिक क्रिया भी की जाती है.

अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम जतन मौर्य निवासी धरमपुरी बताया है। जतन घोड़ा चौपाटी पर कछुए की डिलेवरी के लिए पहुंचा था जिसे टीम ने पकड़ लिया। आशंका है कि इसे नर्मदा पट्टी से लाकर बेचने की तैयारी तस्करी कर रहे थे।

कछुए की यह प्रजाति विलुप्ति की कगार पर पहुंच गई है। इनके संरक्षण के लिए सरकार ने इन्हें अनुसूची-1 में दर्ज किया है। इसके बाद भी अवैध खनन और तस्करी के कारण इनके अस्तित्व पर संकट बना हुआ है। इसी तरह का मामला

एक्वेरियम से बेचे जाने वाले अधिकतर कछुए इंडियन टेंट टर्टल प्रजाति के ही होते हैं। इनकी खूब तस्करी की जाती है। ये कुछए देश में अधिकतर उत्तर भारत व पश्चिम बंगाल तथा विदेशों में बांग्लादेश और नेपाल में पाए जाते हैं। इन कछुओं के कवर पर लाल रंग का मार्क होता है और ये 4 इंच से 5.5 इंच तक के होते हैं। मादा कछुआ 5 से 9 इंच तक होती है।

इन कामों के लिए कछुए की जबर्दस्त मांग
- सेक्सुअल पावर बढ़ाने की दवा बनाने के लिए
- तांत्रिक गतिविधियों के लिए
- घर में वास्तु के लिए शुभ माना जाता है
- घर पर धन लाभ के लिए रखा जाता है
- गोश्त में भी होता है इस्तेमाल

इंटरनेशनल मार्केट में लाखों रुपये कीमत
इंटरनेशनल मार्केट में इन कछुओं की कीमत लाखों रुपए होती है। रेयर प्रजाति के कछुओं की नेपाल, बंगलादेश में तस्करी की जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि पिगनोज कछुए आसानी से मिल जाते हैं लेकिन 20 नाखून वाले कछुए की कीमत 8-10 लाख रुपये तक की होती है।

संरक्षित वन्य जीव की कैटेगिरी में शामिल
आईपीसी के तहत वन्य तथा जलीय जीव प्राणियों के लिए विशेष कानून है। भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित वन्य व जलीय जीव की लिस्ट बनाई गई है। इस सूची में हर प्रजाति का कछुआ शामिल है। संरक्षित वन्य और जलीय जीव की बिक्री और खरीदी गैरकानूनी है।