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दुनियाभर में फेमस है मांडू की इमली, हैदराबाद शिफ्ट होंगे इसके पेड़

खुरासनी इमली के कुछ पेड़ हैदराबाद ले जाने की ली है अनुमति...। नई प्रजातियां विकसित करेंगे...।

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धार

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Manish Geete

Jun 10, 2022

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धार। मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगर मांडू की खुरासनी इमली दुनियाभर में मशहूर है। जो मांडू को जानता है वो इस इमली को भी जरूर जानता है। इस खुरासनी इमली की सात प्रजातियां पूरे विश्व के अलग-अलग देशों में हैं। इन सभी प्रजातियों को देश के पहले प्राइवेट बाटनिकल प्राइवेट गार्डन में लगाया जा रहा है। इसके लिए 6 प्रजातियां विश्व के अलग-अलग देशों से मंगवाई हैं।

यह जानकारी धार में प्राइवेट बॉटनिकल गार्डन बनाने वाले हैदराबाद के रामदेव राव (62) ने दी। हैदराबाद के पर्यावरण प्रेमी रामदेव राव अपना बिजनेस छोड़ पर्यावरण के लिये काम कर रहे हैं, वो 350 एकड़ में बॉटेनिकल गार्डन बना रहे हैं। इसमें 400 करोड़ रुपए निवेश करेंगे। राव ने बताया कि हर बड़े शहर में बॉटनिकल गार्डन जरूरी है, जिस शहर की जनसंख्या 10 लाख के आसपास है।

राव के मुताबिक मांडू से कुछ इमली के पेड़ हैदाराबाद ले जाने के लिए अनुमति ली गई है। वन विभाग की तरफ से अनुमति जारी भी कर दी है। लेकिन, इस खुरासनी इमली के बदले गार्डन संचालक व पर्यावरण विद् की तरफ से मांडू को विश्व में पाई जाने वाली खुरासनी इमली की प्रजातियों के पेड़ देने की मंशा जाहिर की है। इसके लिए एक प्रस्ताव भी जल्द वन विभाग व जिला प्रशासन को दिया जाएगा। पौधों की बजाय पूरा पेड़ ट्रांसप्लांट कर शिफ्ट कर मांडू लाने की कार्ययोजना है।

राव ने 400 करोड़ रुपए की लागत से देश का पहला प्राइवेट बॉटनिकल गार्डन तैयार किया है। राव ने बताया कि हर बड़े शहर में बॉटनिकल गार्डन जरूरी है, जिस शहर की जनसंख्या 10 लाख के आसपास है। ब्रिटिश सरकार ने देश में 6 गार्डन बनाए थे, जो अपना अस्तित्व खोने की कगार पर है। राव ने मांडू और धार के लिए इमली की विभिन्न प्रजातियां देने की मंशा जाहिर की है। ट्रांसप्लांट कर इन्हें ट्रांसपोर्ट के जरीए मांडू लाकर लगाया जाएगा।

शहर की संस्था ने किया सम्मान

हैदराबाद के राव का 'आओ सहेजे धरा' धार की संस्थान के सदस्यों ने सम्मान किया। इस मौके पर संस्था के जसप्रीत सिंह सलूजा, गुंजन जोशी, वैभव जोशी, धर्मेंद्र राठौर, कमलेश शिवले, पुनीत शिवले, पृथ्वीराज पवार आदि सदस्य मौजूद थे। ध्यान रहे संस्थान गुलाब चक्कर पर मौजूद मंदिर पर पौधारोपण कर उन्हें सहेजने में जुटा हुआ है। साथ ही बीते सप्ताह से बावडिय़ों की सफाई में भी अहम योगदान दिया है।