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छावनी बन गया शहर- तीन अतिरिक्त कं​पनियों, 600 जवानों के साथ 12 डीएसपी तैनात

20 से अधिक वाच टावर से निगरानी

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धार

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deepak deewan

Feb 05, 2022

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धार. मध्यप्रदेश की प्राचीन धारा नगरी यानि वर्तमान का धार शहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है. धार स्थित भोजशाला में आज से चार दिवसीय सरस्वती जन्मोत्सव (वसंत पंचमी) की शुरुआज हो गई है. यही कारण है कि हर बार की तरह यहां सुरक्षा के लिए इतना फोर्स तैनात किया गया है.

शनिवार को वसंत पंचमी पर यहां दिनभर पूजा होगी, इसके बाद तीन दिन अन्य कार्यक्रम होंगे- प्रदेश के इस शहर में पिछले टकराव और इनपुट्स के आधार पर इस बार भी वसंत पंचमी पर यहां कड़ी निगरानी रखने के निर्देश हैं. शहर पर अब पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ सरकार की भी गहरी निगाह जमी हुई है. इस बार शनिवार को वसंत पंचमी पर यहां दिनभर पूजा होगी. इसके बाद तीन दिन अन्य कार्यक्रम होंगे.

20 से अधिक वाच टावर से निगरानी की जा रही- वसंत पंचमी उत्सव में विवाद की आशंका के कारण यहां सुरक्षा बढ़ाई गई है. 20 से अधिक वाच टावर से निगरानी की जा रही है. गौरतलब है कि यहां इस मौके पर 12 डीएसपी, 2 एएसपी और एसपी उपस्थित रहेंगे.

राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है पर हर बार वसंत पंचमी पर देश की यह अनूठी धरोहर छावनी बन जाती है-भोजशाला में जहां मंगलवार को पूजा होती है, वहीं शुक्रवार को नमाज अदा की जाती है. यह बाकायदा सरकारी अनुमति से होता है. आपको बता दें कि इसे राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया गया है पर हर बार वसंत पंचमी पर देश की यह अनूठी धरोहर छावनी बन जाती है. इसका इतिहास परमार काल से जुड़ा है.

क्या है विवाद
— परमारकालीन है भोजशाला जिसे मंदिर भी कहते हैं
— 1034 में राजा भोज ने यहां सरस्वती पूजा करवाई
— 40 दिनों तक चला सरस्वती पूजा महोत्सव
— 1594 में मुगलशासक ने इसे मस्जिद में बदला
— बाद में भोजशाला मुक्ति आंदोलन शुरु हुआ
— अभी मंगलवार को पूजा व सुंदरकांड, शुक्रवार को नमाज होती है