
Budhvar Ke Upay: गणेश जी की कृपा से पैसों से जुड़ी सारी दिक्कतें होंगी खत्म। (Image Credit: Gemini Ai)
Budhwar Rituals: भारतीय संस्कृति में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवता से खास संबंध रखता है। इसी क्रम में बुधवार का रिलेशन भगवन गणेश से है। वैदिक ग्रंथ, पुराण और अनेक स्मृति ग्रंथ बुधवार को बुद्धि, वाणी और धन पाने के लिए श्रेष्ठ बताते हैं। गणेश भक्त विश्वास करते हैं कि, इस दिन सही विधि से गणेश जी की उपासना से घर और पर्स दोनों में समृद्धि बढ़ती है।
बुधवार का स्वामी बुध ग्रह है। इसे ज्योतिष में व्यापार, लेखन, बुद्धि, सौदा समझ और धन संचय का कारक माना जाता है। गणेश जी बुध के अधिपति भी देव भी हैं। ब्रह्मवैवर्त पुराण और गणेश पुराण में कहा गया है कि, बुद्धिमान और यशस्वी बनने के लिए बुधवार को गणेश जी की पूजा से खास फल मिलता है। स्कंद पुराण में भी इस बात का जिक्र है कि, जो व्यक्ति बुधवार को गणेश जी का ध्यान कर नए काम की शुरुआत करता है, उसे सफलता अवश्य मिलती है। इस दिन किए गए अच्छे कामों से परिवार में आर्थिक स्थिरता आती है।
गणेश पुराण के उपासनाखंड के अनुसार, गणेश जी को दुर्वा अतिप्रिय है। बुधवार के दिन सुबह स्नान कर, ओम गं गणपतये नमः मंत्र का जप करें। गणेश प्रतिमा को इक्कीस दुर्वा चढ़ाएं। इससे बुद्धि और धन दोनों की वृद्धि होती है। मंत्र जप से मन शांत और स्थिर होता है। निर्णय क्षमता बढ़ती है, जो सीधे आर्थिक जीवन को मजबूती देती है।
स्कंद पुराण के अनुसार, गणेश जी मोदक बहुत पसंद होता है। बुधवार को घर में बने हुए मोदक या गुड से बने लड्डू का नैवेद्य लगाने से गणेश जी के साथ ही लक्ष्मी जी की कृपा भी मिलती है। गुड़ शुभता और समृद्धि प्रतीक कहा जाता है। माान्यता है कि, इसे चढ़ाने से धन की अड़चनें दूर होती हैं। साथ ही घर में भोजन और पैसों की कभी कमी नहीं रहती।
बुध का रंग हरा माना जाता है। ज्योतिष और गरुड़ पुराण में वर्णन है कि, बुध की ऊर्जा को बैलेंस करने के लिए जरूरतमंद को हरा वस्त्र, हरी सब्जी, मूंग या तुलसी का पौधा दान करना चाहिए। बुधवार को हरा दान करने से व्यापार से जुड़ी रुकावटें दूर होती हैं। सौदे में लाभ होता है। अनावश्यक खर्च घटते हैं और धन का प्रवाह बना रहता है।
मनुस्मृति में सत्य और सदाचार को धन वृद्धि का मुख्य कारक बताया गया है। बुधवार को बुध के प्रभाव के कारण वाणी और व्यवहार का खास महत्व होता है। इस दिन कटु वचन, झगड़ा और छल से बुध की ऊर्जा कमजोर हो सकती है। व्यापार और धन संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए बुधवार को मीठा बोलें। झूठ से दूर रहें और किसी का दिल न दुखाएं। ऐसा करने से भाग्य की बाधाएं हट सकती हैं।
गणेश पुराण के मुताबिक, गणेश जी विघ्नहर्ता हैं। नए कामों को सफल बनाते हैं। बुधवार को ग्रह ऊर्जा स्थायी होती है। बुद्धि तेज रहती है। ऐसे में इस दिन नई योजना, व्यापारिक सौदे, यात्रा, खरीदारी या दस्तावेज संबंधी काम शुरु करना शुभ माना जाता है।
Updated on:
16 Dec 2025 12:04 pm
Published on:
16 Dec 2025 11:12 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
