8 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

19 अक्टूबर 2018 को मां दुर्गा की विदाई एवं स्थापित घट का विसर्जन इस विधि विधान से करें

19 अक्टूबर 2018 को मां दुर्गा की विदाई एवं स्थापित घट का विसर्जन इस विधि विधान से करें
2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Shyam Kishor

Oct 17, 2018

durga visarjan

19 अक्टूबर 2018 को मां दुर्गा की विदाई एवं स्थापित घट का विसर्जन इस विधि विधान से करें

नौ दिन सेवा के बाद नवमी तिथि को इस विधि विधान से करें मां दुर्गा की विदाई

स्वयं जगत जननी माँ जगदम्बा भवानी नौ दिनों के लिए ब्रह्मलोक से धरती पर अपने प्रिय भक्तों के दुख दर्दों को दूर करने के लिए आती हैं । माता के सभी भक्त भी बड़े ही हर्षोल्लास के साथ श्रद्धापूर्वक भक्ति भाव से माता की आराधना वंदना में लीन रहते हैं । । माता भी अपने सभी भक्तों की झोलिया भरकर ही जाती हैं । इस विधि विधान से करें नवमी तिथि के दिन माँ आद्यशक्ति की भावभरी विदाई । दुर्गा विसर्जन की भी अपनी एक विधि होती है । दुर्गा विसर्जन एवं स्थापित घट विसर्जन 19 अक्तूबर 2018 को हैं ।

विशेष पूजन

नवमी तिथि के दिन सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक किसी भी एक समय को निश्चित कर माता का विशेष षोडषोपचार पूजन करें । नवमी तिथि को पूरा दिन स्वयं ही शुभ मुहूर्त बना रहता हैं ।

इस मंत्र का उच्चारण करते हुए माता का आवाहन करें ।
मंत्र
आगच्छ त्वं महादेवि । स्थाने चात्र स्थिरा भव ।
यावत पूजां करिष्यामि तावत त्वं सन्निधौ भव ।।

1- श्री जगदम्बे दुर्गा देव्यै नम: । आवाहयामि - फूल, चावल चढ़ाएं ।
2- श्री जगदम्बे दुर्गा देव्यै नम: । आसनं समर्पयामि - फूल का आसन दें ।
3- श्री दुर्गादेव्यै नम: पाद्यम, अर्ध्य, आचमन, स्नानार्थ जलं समर्पयामि - जल छोड़े ।
4- श्री दुर्गा देवी दुग्धं समर्पयामि - दूध चढ़ाएं ।


5- श्री दुर्गा देवी दधी समर्पयामि – दही चढा़एं ।
6- श्री दुर्गा देवी नैवेद्यं समर्पयामि – मिष्ठान्न चढा़एं ।
7- श्री दुर्गा देव्यै ऋतुफलम समर्पयामि- फल चढ़ाएं ।
8- श्री दुर्गा देवी पंचामृत समर्पयामि – पंचामृत चढ़ाएं ।


9- श्री दुर्गा देवी गंधाक्षतं समर्पयामि – हल्दी कुमकुम, चावल चढाएं ।
10- श्री दुर्गा देवी वस्त्रम समर्पयामि – वस्त्र के रूप चुनरी या लाल कलावा चढ़ाएं ।
11- श्री दुर्गा-देव्यै पुष्पमालाम समर्पयामि- फूल, फूलमाला चढ़ाएं ।
12- श्री दुर्गा-देव्यै ताम्बूलं समर्पयामि -पान सुपारी, लौंग, इलायची चढ़ाएं ।


13- श्री दुर्गा-देव्यै दक्षिणां समर्पयामि - कुछ पैसे चढ़ाएं ।
14- श्री दुर्गा-देव्यै धुपं, दीपं समर्पयामि ।
15- श्री दुर्गा-देव्यै नमस्कारं करोमि - हाथ जोड़कर प्रणाम करें ।
16- श्री दुर्गा-देव्यै शुभकामना करोमि - परिवार सहित समाज के कन्याण की कामना करें ।

ऐसे करें विसर्जन

- स्थापित घट यानि कलश के उपर चावल छोड़े । विसर्जन के बाद कलश के नारियल को प्रसाद स्वरूप स्वयं एवं अन्य लोगों को बांटे ।
- घट के पवित्र जल का पूरे घर में छिड़काव करें और फिर सम्पूर्ण परिवार इसे प्रसाद स्वरुप ग्रहण करके बचा हुआ तुलसी में छोड़े ।
- घट में रखें सिक्के को अपनी तिजोरी में रखे, हमेशा बरकत होती रहेगी ।
- माता की चौकी से सिंहासन को पुनः अपने घर के मंदिर में उनके स्थान पर ही रख दें ।
- श्रृंगार सामग्री में से साड़ी और जेवरात आदि को घर की महिला सदस्याएं प्रयोग कर सकती हैं ।
- चढ़ावे के सभी फल, मिष्ठान्न आदि को प्रसाद रूप में बांटें ।


- चौकी और घट के चावल पक्षियों को डाल दें ।
- माँ की प्रतिमा अथवा तस्वीर, घट में बोयें गए जौ एवं पूजा सामग्री, सब को प्रणाम करें ।
- माँ दुर्गा की प्रतीमा को किसी नदी, सरोवर आदि में पुनः शीघ्र पधारे के भाव से श्रद्धा पूर्वक विसर्जित कर दें ।
- विसर्जन से पूर्व माता की अंतिम आरती अवश्य करें ।


दुर्गा विसर्जन शुभ मुहूर्त - 19 अक्टूबर 2018 दिन शुक्रवार
शुभ मुहूर्त - प्रातः 6 बजकर 28 मिनट से 8 बजकर 45 मिनट तक ।
वैसे इस दिन पूरे समय ही शुभ रहेगा ।