
how to blessed with goddess lakshmi on friday
सप्ताह के वारों की अपनी एक खासियत होती है, हर वार किसी न किसी देवता या देवी को समर्पित होता है। वहीं इस दिन के कारक देव अपने स्वभाव के अनुसार उसका फल भी देते हैं। ऐसे में जहां शुक्र को भाग्य का कारक माना गया है, वहीं इस दिन की कारक देवी मां लक्ष्मी हैं। जिन्हें धन संपदा की देवी माना गया है।
ऐसे में शुक्रवार को आप भी देवी मां लक्ष्मी की कृपा से धन संपत्ति अचानक से भी प्राप्त कर सकते हैं।
पंडित सुनील शर्मा के अनुसार हर मनुष्य की चाहत होती है कि उसे अचानक अपार धन की प्राप्ति हो, लेकिन यह धन आपको सिर्फ चाहने भर से नहीं मिल सकता। इसके लिए आपको मां लक्ष्मी को प्रसन्न करना बहुत जरूरी है।
पंडित शर्मा के अनुसार ये कुछ आसान टिप्स हैं, जिन्हें करने से आपको मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी और आप धन-दौलत से हो समृद्ध जाएंगे...
1. लाल धागे में सातमुखी रुद्राक्ष गले में धारण करने से अचानक धन की प्राप्ति होती है।
2. सवा पांच किलो आटा एवं सवा किलो गुड लें। दोनों का मिश्रण कर रोटियां बना लें। शुक्रवार के दिन सायंकाल गाय को खिलाएं। तीन शुक्रवार तक यह कार्य करने से दरिद्रता समाप्त होती है। अनायास धन की प्राप्ति होती है।
3. ऊँ श्री ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम:।
इस मंत्र की कमलगट्टे की माला से प्रतिदिन जप करने से ऋणमुक्ति होती है।
4. मां लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने 11 दिनों तक अखंड ज्योत (तेल का दीपक) प्रज्ज्वलित करें। 11वें दिन 11 कन्या को भोजन कराकर एक सिक्का व मेहंदी दें। जानकारों के अनुसार इससे भी अचानक धन प्राप्ति के योग बनते हैं।
धन कमाने के लिए 3 शुक्रवार करें उपाय : आर्थिक संपन्नता के लिए किसी भी माह के प्रथम शुक्ल पक्ष को यह प्रयोग आरंभ करें और नियमित 3 शुक्रवार को यह उपाय करें।
प्रत्येक दिन नित्यक्रम से स्नानोंपरांत अपने घर के पूजा स्थान में घी का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी को मिश्री और खीर का भोग लगाएं।
मंत्र :ऊँ श्रीं श्रीये नम:
इस मंत्र का मात्र 108 बार जप करें। तत्पश्चात 7 वर्ष की आयु से कम की कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं। भोजन में खीर और मिश्री जरूर खिलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी अवश्य प्रसन्न होगीं। आर्थिक परेशानी खत्म होगी।
वहीं हर शुक्रवार लाल या सफेद परिधान पहनें। हाथ में चांदी की अंगूठी या छल्ला धारण कर उसी समय चावल और शकर का किसी योग्य ब्राह्मण को दान करें।
इसके अलावा जानकारों का मानना है कि जब भी कोई रत्न पूजन करके धारण करें उसी समय उस रत्न से संबंधित सामग्री का दान करना चाहिए। इससे रत्न संबंधी ग्रह की शुभता बढ़ती है।
Published on:
23 Apr 2020 01:26 pm
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