21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागदेवता की आरती से कालसर्प दोष से मिलती है मुक्ति, पढ़ें पूरी आरती

Nag Devta Ki Aarti: सनातन धर्म में सृष्टि के सभी जीवों को उनके योगदान के लिए पूजा जाता है। नागों का इसमें विशेष महत्व है, यह नाग भगवान शिव के गले का हार है तो भगवान विष्णु का शयन स्थल भी है। नागपंचमी का दिन इनकी पूजा के लिए समर्पित है। नागों की पूजा के बाद उनकी आरती जरूर पढ़नी चाहिए। यहां पढ़ें नाग देवता की आरती (Nag Devta Ki Aarti) ...

less than 1 minute read
Google source verification
Nag Devta Ki Aarti on nag panchami

नाग देवता की आरती

नाग देवता आरती (Nag Devta Aarti)


आरती कीजे श्री नाग देवता की,
भूमि का भार वहनकर्ता की।
उग्र रूप है तुम्हारा देवा भक्त,
सभी करते है सेवा॥
मनोकामना पूरण करते,
तन-मन से जो सेवा करते।
आरती कीजे श्री नाग देवता की॥

भक्तों के संकट हारी की आरती,
कीजे श्री नागदेवता की।
आरती कीजे श्री नाग देवता की॥

महादेव के गले की शोभा,
ग्राम देवता मै है पूजा।
श्वेत वर्ण है तुम्हारी ध्वजा॥

दास ऊंकार पर रहती कृपा,
सहस्त्रफनधारी की।
आरती कीजे श्री नाग देवता की,
भूमि का भार वहनकर्ता की॥
आरती कीजे श्री नाग देवता की॥

ये भी पढ़ेंः

washing machine ki disha: भूलकर भी इस दिशा में न रखें वॉशिंग मशीन, होता है आर्थिक नुकसान